बगैर अनुमति के सभा, धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस आदि आयोजित नहीं की जा सकेंगे

Jun 3, 2024 - 20:31
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बगैर अनुमति के सभा, धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस आदि आयोजित नहीं की जा सकेंगे

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने जारी किये प्रतिबंधात्मक आदेश

इंदौर। इंदौर जिले में जन सुरक्षा, लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(1) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश के अनुसार बगैर अनुमति के प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे। साथ ही ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग की अनुमति भी लेना होगी। 

आदेश में कहा गया है कि विभिन्न मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस आदि सक्षम अधिकारी से पूर्वानुमति बिना आयोजित नहीं किया जाये। ध्वनि विस्तार यंत्रों का प्रयोग निहित शर्तों के अधीन सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं किया जाये। रैली, जुलूस आदि में किसी प्रकार के अस्त्र, शस्त्र धारण करना और प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति पांडाल आदि निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक संसाधन जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, पोस्टर एवं अन्य सोशल मीडिया आदि पर विधि विरुद्ध संदेश के प्रसारण अग्रेषण, साम्प्रदायिक टिप्पणी, 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों को एक स्थान पर एक समय में एकत्रित होने पर प्रतिबन्ध रहेगा। 

जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धारदार या अन्य हथियार, आग्नेय शस्त्र, हॉकी, डण्डा, रॉड इत्यादि लेकर नहीं चलेगा अथवा दुरूपयोग नहीं करेगा और ना ही प्रदर्शन करेगा। 

किसी भी प्रकार के उत्सव व समारोह में हवाई फायर वर्जित रहेंगे। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था आदि, सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी स्थान पर सभा, धरना प्रदर्शन, जुलूस, वाहन/साधारण रैली आदि का आयोजन नहीं करेंगे। शासकीय/अशासकीय स्कूल मैदान/भवन, शासकीय कार्यालय के परिसर पर किसी भी प्रकार की राजनैतिक गतिविधि पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी। कोई व्यक्ति संस्था, समूह या अन्य या डी.जे. अथवा बैण्ड का संचालक सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना इनका उपयोग नहीं करेगा। 

प्रत्येक को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा The Noise Pollution (Regulation and Control) Rule 2000 एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) (संशोधन) नियम, 2010 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति, संस्था, समूह या अन्य कोई भी धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में एसिड, पेट्रोल, केरोसिन आदि ज्वलनशील पदार्थ अपने पास नहीं रखेगा या लेकर नहीं चलेगा या उपयोग नहीं करेगा। किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में पटाखे/विस्फोटक सामग्री का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 

वैद्य अनुज्ञप्तिधारी को छोड कोई भी व्यक्ति बारूद/पटाखों का संग्रहण निर्माण या परिवहन नहीं करेगा। संस्था समूह या अन्य, किसी भी स्थान पर किसी भी प्रयोजन हेतु सक्षम अधिकारी व अनुमति बिना टेंट, पांडाल आदि का स्थाई या अस्थाई निर्माण नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष किसी भी सड़क, रोड, रास्तों, हाईवे, आदि पर एकत्रित होकर यातायात में व्यवधान नहीं करेंगे या किसी अन्य प्रकार से कोई रुकावट उत्पन्न नहीं करेंगे या किसी व्यक्ति को आने जाने एवं उसके कार्य करने से नहीं रोकेंगे।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक मेसेज/चित्र/कमेंट/बैनर/पोस्टर आदि अपलोड नहीं किये जा सकेंगे

कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या ग्रुप एडमिन या अन्य सोशल मीडिया/इलेक्ट्रानिक संसाधन जैसे मोबाईल, कम्प्यूटर, फेसबुक, ई-मेल, व्हाट्सएप एवं अन्य प्रकार के संचार साधनों पर किसी दल, धर्म, जाति, सम्प्रदाय, संस्था व्यक्ति विरोधी एवं आम लोगों की भावना भड़काने व कानून व्यवस्था के विपरित स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक मेसेज/चित्र/कमेंट/बैनर/पोस्टर आदि अपलोड नहीं करेगा। आदेश के अनुसार मतगणना के दिन मतगणना स्थल पर एवं इन स्थानों की निर्धारित परिधि में सेल्युलर फोन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा और न ही कोई व्यक्ति सेल्युलर फोन रख सकेगा।

प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर होगी कार्यवाही

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री रोशन राय ने बताया है कि उक्त निर्देश/प्रतिबंधों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उपाय सुनिश्चित करने की दृष्टि से शासकीय कर्तव्य पर उपस्थित एवं निर्वाचन कार्य में ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों एवं पुलिस अधिकारियों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए लागू नहीं होंगे। सिख धर्म के अनुयायियों व विवाह समारोह के दुल्हा-दुल्हन को कटार धारण करने की छूट रहेगी। किसी भी कार्यक्रम सभा, आमसभा आदि की अनुमति जारी करने के लिए अपर जिला दण्डाधिकारी को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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