जल गंगा संर्वधन अभियान में जन भागीदारी से लिखी जा रही है नई इबारत

Jun 8, 2024 - 18:55
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जल गंगा संर्वधन अभियान में जन भागीदारी से लिखी जा रही है नई इबारत

बड़ी संख्या में तालाबों के गहरीकरण में सहयोग के लिए आगे आ रहे है समाजसेवी और ग्रामीण

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर इंदौर जिले में भी जल संरक्षण और संर्वधन के लिए जल गंगा संर्वधन अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के बेहतर परिणाम सामने आ रहे है। इस अभियान में जन भागीदारी से नई इबारत लिखी जा रही है। बड़ी संख्या में तालाबों के गहरीकरण और जीर्णोद्धार के लिए समाजसेवी, दानदाता और ग्रामीण आगे आ रहे है। ऐसा ही एक उदाहरण इंदौर शहर के समीप स्थित ग्राम सनावदिया में भी देखने को मिल रहा है। यहां एक समाजसेवी श्री गिरीश अग्रवाल तालाब को गहरा करने और जीर्णोद्धार के लिए भागीरथी प्रयास कर रहे है। अकेले ही उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से गाँव के पूरे तालाब को गहरा करने का जिम्मा अपने ऊपर लिया है।

इंदौर जिले के ग्राम सनावदिया में श्री अग्रवाल जल गंगा संर्वधन अभियान की परिकल्पना को साकार करने में भागीरथ प्रयास करते हुए अनुकरणीय एवं प्रेरक योगदान दे रहें हैं। जल संरक्षण  के प्रति जन सामान्य में जागरूकता के उद्देश्य से प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संकल्पना से   जल गंगा संवर्धन अभियान क्रियान्वित किया जा रहा है। अभियान अंतर्गत 16 जून तक जल संरक्षण के कार्य जन सहयोग एवं शासकीय योजनाओं से किए जाएंगे।

अभियान अंतर्गत इंदौर जिले में  ग्रामीण तालाबों में गहरीकरण कार्य जन भागीदारी से किये जा रहे हैं। गहरीकरण के लिए ग्रामीणों द्वारा तालाबों में जमा गाद सिल्ट ग्रामीणों द्वारा खुद के साधन से निकाली जाकर अपने खेतों में डलवाई जा रही हैं। इससे जहां एक ओर तालाबों में जल भराव क्षमता में वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर तालाबों से निकली मिट्टी से खेतों की उर्वरता भी बढ़ेगी। उत्पादकता और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।

मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार अभियान में जन भागीदारी का एक बहुत प्रशंसनीय उदाहरण इंदौर जिले के ग्राम सनावदिया में देखने को मिला है, जहां पर आदिवासी मोहल्ले के पीछे स्थित तालाब का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य समाजसेवी श्री गिरीश अग्रवाल द्वारा स्वयं के व्यय से किया जा रहा है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा जब श्री अग्रवाल से गहरीकरण कार्य में सहयोग हेतु अनुरोध किया गया तो उन्होंने सहर्ष ही गहरीकरण कार्य के लिए पोकलेन मशीन एवं ट्रैक्टर /डम्पर उपलब्ध कराये। ग्राम सनावदिया में 400 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा छोटे आकार का तालाब है जिसमें 8 फीट गहराई में खुदाई हो चुकी है। खुदाई से निकली मिट्टी से तालाब की पाल में लगभग 120 डंपर मिट्टी डाली जाकर तालाब की पाल को सुदृढ़िकरण किया गया है, जिससे की तालाब में अधिक जल भराव हो सकेगा। तालाब की पाल में उपयोग के बाद शेष  लगभग 300 डंपर अतिरिक्त मिट्टी श्री अग्रवाल एवं अन्य किसानों द्वारा अपने खेतों में डलवाई गई है। गहरीकरण एवं पाल सुधारीकरण के अच्छे कार्य को देखकर श्री अग्रवाल अब तालाब के वेस्टवियर भी स्वयं की लागत से बनाने को तैयार हो गए हैं। इसमें लगभग साढे तीन लाख रुपए का व्यय श्री अग्रवाल द्वारा जनहित में वहन किया जाएगा। श्री अग्रवाल द्वारा कुल लगभग 5 लाख रुपये का अप्रत्यक्ष योगदान दिया जायेगा।

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने  जल संरक्षण को जन अभियान बनाने की दिशा में  सभी संगठनों संस्थाओं से सहयोग की अपेक्षा की है एवं कहा कि जिले में अभियान में अच्छा योगदान करने वाले नागरिकों एवं संस्थाओं को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जायेगा। ग्राम पंचायत के उपयंत्री श्री श्याम सुंदरानी ने बताया कि गहरी करण पाल सुधारीकरण में किए गए कार्य का अनुमानित व्यय लगभग 5 लाख रुपए है। गहरीकरण से तालाब में 4000 घन मीटर पानी भर सकेगा।  ग्राम सनावदिया के रहने वाले पूर्व जनपद उपाध्यक्ष  श्री रवि रावलिया ने बताया कि श्री अग्रवाल पंचायत के लिए हमेशा से सहयोग करते रहे हैं। चार वर्ष पूर्व भी इनके द्वारा नाले का चौड़ीकरण एवं चेक डेम निर्माण का कार्य स्वयं के व्यय से किया गया था।

जिले में इसी तरह के चल रहे एक अभियान अंतर्गत तालाबों के गहरीकरण के 56 कार्य एवं जन भागीदारी से 36 अन्य कार्य इस प्रकार से कुल 92 तालाबों में गहरीकरण का कार्य जन भागीदारी से किए जाने के अच्छे परिणाम आए हैं। अभियान अंतर्गत इन तालाबों से लगभग दो लाख घन मीटर गाद सिल्ट निकाली जाकर किसानों ने अपने खेतों में डलवाई है।  दो लाख घन मीटर गहरीकरण कार्य का यदि मूल्यांकन किया जाए तो इसके लिए लगभग 3 करोड रुपए की राशि शासन की व्यय होती जो की ग्रामीणों द्वारा वहन की गई है।

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