निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं, अधिकारियों को कार्य संस्कृति में बदलाव के निर्देश, उप मुख्यमंत्री साव की समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश, कार्यों में प्रगति नहीं होने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई…..
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट के डंकनी सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक की शुरुआत लोक निर्माण विभाग की समीक्षा से की। उन्होंने जिले में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़कों, शासकीय भवनों तथा अन्य अधोसंरचना कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। अप्रारंभ कार्यों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं कार्य प्रारंभ कराने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ‘हर घर जल’ योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार तक नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी, अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा धीमी कार्यगति पर उपमुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही बरतने से बचने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में राजस्व संग्रहण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित नगरीय निकायों से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जिले में अब भयमुक्त और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इस अनुकूल वातावरण का लाभ बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने में लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही बच्चों में खेल के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें नियमित रूप से खेल गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले। इसके लिए शिक्षकों, पीटीआई, प्रशिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेते हुए गांव-गांव में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने बच्चों को विभिन्न खेल विधाओं में प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति देने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली और कार्यसंस्कृति में बदलाव लाते हुए परिणाम आधारित कार्य करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियां अंदरूनी सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्यों में अनावश्यक विलंब होने पर जवाबदेही तय करते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से समस्याओं का बहाना बनाने के बजाय उनके समाधान पर ध्यान केंद्रित करने तथा पूर्व नियोजन के साथ कार्यों को गति देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने ढर्रे और केवल रिकॉर्ड पर आधारित कार्यसंस्कृति से अब काम नहीं चलेगा।उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को ठेकेदारों के पीछे घूमने के बजाय ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे ठेकेदार निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता के अनुरूप कार्य करने के लिए जवाबदेह रहें। साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों एवं परिसरों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं जनहित के अनुरूप रखने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि बैठक में लोक निर्माण विभाग से बजटेड सड़क, भवन डिपॉजिट कार्य, राष्ट्रीय राजमार्गो की जानकारी, जिला जल एवं स्वच्छता मिषन अतंर्गत निमार्णाधीन कार्यो की वर्तमान स्थिति की जानकारी क्रमवार प्रस्तुति की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने जिले के अधिकारियों को विभागवार कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने षहरी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित आवासों के निर्माण में तेजी लाने तथा आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
साथ ही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने कहा। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं की नियमानुसार पूर्णता एवं हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा ठेकेदारों एवं संबंधित एजेंसियों के लंबित भुगतानों की कार्यवाही समयबद्ध रूप से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने, आवश्यक संचालन समितियों के गठन तथा संबंधित लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने कहा कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद आगामी 8 से 9 माह की अवधि में जिले के सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जाए। कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए माननीय मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समीक्षा बैठकों में लिए गए निर्णयों का प्रभाव अब धरातल पर दिखाई देना चाहिए और प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों के प्रति पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करे। बैठक में डीएफओ श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित संभागीय स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी तथा जिले लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।




