Sep 29 2021 / 1:32 AM

‘संध्या की भूमिका निभाने के लिए हमने 200-250 लड़कियों का ऑडिशन लिया था!’

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बता रही हैं भूमि पेडणेकर, जो ‘दम लगा के हईशा’ का ऑडिशन फतह करने से पहले इस फिल्म की कास्टिंग कर रही थीं

युवा बॉलीवुड स्टार भूमि पेडणेकर यशराज फिल्म्स के उस कास्टिंग डिवीजन का हिस्सा थीं, जो ‘दम लगा के हईशा’ (डीएलकेएच) की मुख्य नायिका संध्या के लिए लड़कियों का ऑडिशन कर रहा था। इस फिल्म में संध्या का किरदार नॉर्थ इंडिया की एक कॉन्फीडेंट, बॉडी-पॉजिटिव और ओवरवेट लड़की का था। भूमि ने खुलासा किया कि कास्टिंग करने वाली टीम ने उनसे पहले करीब 250 लड़कियों का ऑडिशन लिया था और आखिरकार उस भूमिका के लिए उनको ही चुना गया, क्योंकि उन्होंने इस ऑडिशन को अपनी मुट्ठी में कैद करने के लिए जान लड़ा थी!

भूमि का कहना है कि जब वह फिल्मों के लिए कास्टिंग किया करती थीं, तब एक्टिंग करने की बात उनके दिमाग में कभी नहीं आती थी। वह बताती हैं, “ईमानदारी की बात तो यह है कि मैंने इस बारे में सोचा ही नहीं था। मैं अपने काम के प्रति पूरी तरह से समर्पित थी। मैं बहुत ईमानदार हूं और ऐसा कहते हुए मुझे बड़ा गर्व होता है। मैं कास्टिंग करने में इस कदर खोई हुई थी कि मेरे मन में एक बार भी खयाल नहीं आया कि ‘ओह, मैं बेहतर करके दिखा सकती हूं’। लेकिन ये ऑडिशन लेने के साथ-साथ मैं उन किरदारों को उसी वक्त निभाया भी करती थी। कभी मैं 6 साल की बच्ची बन कर दिखाती थी तो कभी एक बूढ़ी औरत बन जाती थी। ऑडिशन देने आए कलाकारों से रोल के मुताबिक परफॉर्मेंस कराने के लिए मुझे ऐसा करना पड़ता था।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वह कहती हैं, “तो, मेरे लिए यह सब भूमिकाओं की तैयारी कराने का मामला था, लेकिन सबसे अजीब वक्त तब आया, जब मैं ‘दम लगा के हईशा’ के लिए लड़कियों का ऑडिशन करा रही थी। चूंकि साथ ही साथ मेरा भी ऑडिशन हो रहा था, तो मुझे लगा कि मैं इन लड़कियों के साथ किसी भी तरह का पक्षपात तो नहीं कर रही हूं, क्योंकि हम सबको एकसमान अवसर मिला था। मुझे याद है कि मैं शानू के पास जाकर कहा करती थी- ‘मेरे खयाल से अनजाने में ही मैं शायद उनके साथ निष्पक्षता नहीं बरत पा रही हूं।‘ हमने इस किरदार के लिए 200-250 लड़कियों का ऑडिशन लिया था और मुझे भी यह किरदार इतना आसान नहीं लग रहा था।“

भूमि बताती हैं कि इस भूमिका के लिए उनको चुनने से पहले उनके निर्देशक शरत कटारिया ने बहुत सोच-विचार किया। वह याद करती हैं, “मुझे वाकई अपनी काबिलियत साबित करनी पड़ी और मेरे निर्देशक शरत मुझ पर कुछ ज्यादा ही सख्त थे, क्योंकि वह मुझे सिर्फ इसलिए नहीं चुन लेना चाहते थे कि मैं वाईआरएफ की कर्मचारी थी। वह किसी ऐसे कलाकार को लेना चाहते थे, जो स्क्रिप्ट की उस दुनिया से गहरा ताल्लुक।

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