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मकर संक्रांति 2024: जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

नए साल की शुरुआत के साथ ही सबसे महत्वपूर्ण त्योहार मकर संक्रांति आने वाला है। इसे सर्दियों और अंधेरे के अंत प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस त्योहार से वसंत ऋतु का आगमन हो जाता है। यह भारतीय परंपराओं में मनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। मकर संक्रांति का यह त्योहर उन चंद त्योहारों में शामिल है, जो चंद्र चक्र की बजाय सौर चक्र के अनुसार मनाया जाता है। इस दिन सूर्य ग्रह एक महीने के लिए शनि के घर (शनि द्वारा शासित मकर राशि) में प्रवेश करता है।

इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा समेत निकटतम नदी और सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते हैं। साथ ही पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। पितरों को मोक्ष दिलाने हेतु बहती जलधारा में तिलांजलि भी की जाती है। इस उपाय को करने से व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साल 2024 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोग दुविधा में हैं। आइए, मकर संक्रांति की सही तिथि और शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि जानते हैं-

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त और तिथि-

15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी और शुभ मुहूर्त की बात करें तो सूर्य 15 जनवरी की सुबह 2 बजकर 54 मिनट पर धनु राशि से अपनी स्थिति बदलकर मकर राशि में स्थान लेंगे।

पुण्यकाल- पुण्य काल का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 26 मिनट कर रहेगा। इसकी कुल समय अवधि 5 घंटे 10 मिनट तक रहेगी।

महापुण्य काल- महा पुण्य काल मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 43 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 26 मिनट कर रहेगा। इसकी अवधि समय 1 घंटा 43 मिनट होगा।

मकर संक्रांति महत्व और पूजा विधि-

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदी में स्नान करते हैं और पितरों की शांत करने के लिए दान भी भी करते हैं। इस दिन सूर्य की पूजा का विशेष महत्व है। लोग नदी से सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं या घर से भी सूरज की पूजा कर सकते हैं। जो लोग करियर में सफलता नहीं पा रहे हैं वो विशेष रूप से सूर्य को जल देकर अपने करियर को चमका सकते हैं। सूर्य तरक्की और उन्नति का स्त्रोत है।

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