हाथरस मामले में एडीजी प्रशांत कुमार का बड़ा बयान- युवती से नहीं हुआ रेप, गर्दन में चोट लगने से हुई मौत

लखनऊ। देशभर में चर्चा का केंद्र बने हाथरस मामले को लेकर यूपी के एडीजी प्रशांत कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाथरस मामले में मृतक युवती के साथ रेप नहीं हुआ था। एडीजी ने बताया है कि दिल्ली में पीड़िता के किए गए पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण गले में चोट होने के कारण उसके दौरान हुआ ट्रॉमा है। फोरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि सैंपल्स में किसी तरह के स्पर्म और शुक्राणु नहीं पाए गए।

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि स्थानीय पत्रकारों द्वारा पीड़िता का एक वीडियो आज सामने आया है जिसमें पीड़िता ने अपनी जीभ भी दिखाई है। जहां तक जीभ काटने और कटने की बात थी वो सरासर गलत थी। उन्होंने कहा कि मामले को अनावश्यक तूल देकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि इस मामले में विवेचक ने बताया था कि पीड़िता ने इलाज के दौरान कई बार अपने बयान बदले थे। विवेचक ने इसका जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया था। पुलिस अफसरों के मुताबिक, पहली बार में युवती ने रेप से जुड़ा कोई बयान नहीं दिया था। इसके बाद 19 सितंबर को बयान लिया गया, जिसमें पीड़िता ने कहा कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। बयान के आधार पर पुलिस ने धारा बदलकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके बाद 22 सितंबर को फिर बयान दर्ज किया गया है। इस बार पीड़िता ने कहा था कि उसके साथ रेप हुआ है।

इस मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है। गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस और वर्तमान में सेनानायक पीएसी आगरा पूनम इसके सदस्य होंगे। वहीं सबसे खास बात ये कि इस टीम में दलित और महिला अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एक हफ्ते के भीतर जांच पूरी कर एसआईटी को रिपोर्ट सौंपनी है।

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