Dec 02 2021 / 12:01 AM

एण्डटीवी के कलाकारों ने धनतेरस पर बताया अपने ‘असली धन‘ के बारे में

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धनतेरस को दिवाली की शुरूआत माना जाता है और यह वह दिन है, जब हर कोई देवी लक्ष्मी की पूजा करता है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन अवसर पर सोना और चांदी खरीदने से घर में और भी समृद्धि आती है और एण्डटीवी के कलाकारों ने इस मौके पर अपनी सबसे अनमोल वस्तुओं के बारे में बात की।

इन कलाकारों में शामिल हैं- ‘और भई क्या चल रहा है?‘ के रमेश प्रसाद मिश्रा (अंबरीश बाॅबी), ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ से गेंदा (श्रेणु पारिख), कुंदन अग्रवाल (साई बल्लाल), ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ के दरोगा हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) और ‘भाबीजी घर पर है‘ की अंगूरी भाबी (शुभांगी अत्रे)।

अंबरीश बाॅबी (रमेश मिश्रा, और भई क्या चल रहा है) अपनी बेटियों को ‘असली धन‘ मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भगवान का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने दो नन्हीं परियों को मेरी जिंदगी में भेजा। लोग कहते हैं कि ‘बेटियां पराया धन होती हैं।‘ लेकिन मैं यह नहीं मानता। वो मेरा अंश हैं और हमेशा रहेंगी।‘‘

श्रेणु पारिख (गेंदा, घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की) का कहना है, ‘‘मेरा मानना है कि मौजूदा दौर की जिंदगी में शांति ही ‘असली धन‘ है। मेरे लिये मेरे काम और मेरे परिवार के बाद मानसिक स्वास्थ्य ही मेरा असली धन हैं और भगवान की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ये सब दिया है।‘‘

साई बल्लाल (कुंदन अग्रवाल, घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की) ने कहा, ‘‘मेरे लिये मेरी स्वर्गीय मां मेरा असली धन हैं। मैं अम्मा की तस्वीर हमेशा अपने साथ रखता हूं। मेरा बेडरूम हो, मेकअप रूम हो या वाॅलेट हो, उनकी तस्वीरें, यादें और उनके द्वारा सिखाई गई बातें मेरे जीवन की सबसे अनमोल चीजें हैं।‘‘

योगेश त्रिपाठी (दरोगा हप्पू सिंह, हप्पू की उलटन पलटन) ने बताया, ‘‘मुझे लगता है कि मेरे अंदर का कलाकार ही मेरा ‘असली धन‘ है। अपने अभिनय कौशल की वजह से ही मैं अपने परिवार को एक सुखद और आरामदायक जीवन दे पाया हूं। मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं कि हमारे शो के प्रशंसकों के चेहरों पर मैं थोड़ी सी मुस्कुराहट ला पाता हूं। मेरी अदाकारी भगवान की ओर से मुझे दी गई असली संपत्ति है।‘‘

शुभांगी अत्रे (अंगूरी भाबी, भाबीजी घर पर है) के मुताबिक, ‘‘मेरी इच्छाशक्ति, दृढ़निश्चय और मेरे अंदर का बच्चा मेरे ‘असली धन‘ हैं। मैं हमेशा ही इन तीन चीजों को जीवंत बनाये रखने की कोशिश करती हूं, क्योंकि यही वो चीजें हैं, जो मुझे जिंदगी में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। और इनके अलावा बेशक मेरा परिवार, खासकर मेरी बेटी मेरा सबसे बड़ा सपोर्ट रही है। ये मेरी जिंदगी के असली खजाने हैं।

‘‘देखिये ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ रात 9:00 बजे, ‘और भई क्या चल रहा है?‘ रात 9:30 बजे, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ रात 10:00 बजे और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ रात 10:30 बजे, हर सोमवार से शुक्रवार, सिर्फ एण्डटीवी पर

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