Sep 17 2021 / 7:16 AM

उत्तराखंड: तीरथ सिंह रावत ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

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देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार रात को अपने सहयोगी मंत्रियों और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के साथ मुलाकात की और उनको अपना इस्तीफा सौंप दिया। चंद मिनटों में सिमटी औपचारिक मुलाकात में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को नया मुख्यमंत्री चुने जाने तक अपने पद पर बने रहने के लिए कहा।

इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा, राज्यपाल के यहां इस्तीफा देकर आ रहा हूं। संवैधानिक संकट था। इसके कारण मैंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री पद से देना उचित समझा। मैं अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभारी हूं। धन्यवाद करना चाहूंगा। नेतृत्व ने मुझे समय-समय पर विभिन्न दायित्व दिए। मैं हृदय से पीएम मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभारी हूं। कोविड पॉजिटिव होने के कारण समय नहीं था।

बता दें, तीरथ सिंह रावत का सीएम सफर भले ही शुरू कुंभ मेले के साथ शुरू हुआ था लेकिन चारधाम यात्रा से पहले समाप्त हो गया है। आसान शब्दों में कहें तो रावत महज 115 दिनों के लिए राज्य के सीएम पद पर रहे। वहीं अब राज्य में तीरथ कथा का अंत के साथ ही नए सीएम के स्वागत सत्कार के लिए राज्य तैयार है।

10 मार्च ये वो दिन था जब हर कोई मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले तीरथ सिंह रावत के अचानक से इस मुकाम पर पहुंचने को लेकर हैरान थे। रावत के राजनीतिक सफर की शुरूवात बतौर RSS कार्यकर्ता हुई थी। इसके बाद से ही वो बतौर बीजेपी कार्यकर्ता भी लगातार अपने कामों में लगे रहे। रावत ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली और वो राज्य के पहले शिक्षा मंत्री भी बने थे।

हालांकि जब से सीएम पद पर रावत आसीन हुए उन्हें कई मुश्किलों से गुजरना पड़ा। बात अगर उनके फैसलों की करें या फिर उनके बयानों की सभी को लेकर विपक्ष ने उनकी किरकरी की। जब एक तरफ रावत ने सीएम पद को संभाला तो वहीं दूसरी ओर कोरोना की दूसरी लहर अपना प्रचंड रूप धारण कर रही थी। इन सब के बीच कुंभ मेला उनके गले की फांस बन रहा था।

उन्हें लोगों को कोरोना से सुरक्षित रखने के साथ ही लोगों की आस्था को बरकरार रखना था ऐसे में रावत ने आस्था पर जोर देते हुए शुरुआती समय में कुंभ को हरी झंडी दिखा दी लेकिन नतीजा ये निकला की कोरोना के नए केसों की बाढ़ सी आ गई।

मुख्यमंत्री बनते ही ये फैसला तीरथ के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। इसके अलावा इस सब के उपर दिए गए विवादित बयानों ने भी रावत को चैनलों में सुर्खिया बन दिया। कुंभ को लेकर एक मीटिंग में तो पूर्व सीएम तीरथ यहां तक कह गए थे कि मां गंगा की कृपा से कोरोना का प्रसार नहीं होगा।

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