Sep 17 2021 / 5:26 AM

बंगाल उपचुनाव: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले शुभेंदु अधिकारी

Spread the love

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव और राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा के ऐलान के बीच गुरुवार की शाम को पश्चिम बंगाल बीजेपी के नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग 15 मिनट तक चली, लेकिन बैठक के संबंध में शुभेंदु अधिकारी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा उपुचनाव में ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं और सीबीआई राज्य में हिंसा के मामलों की पड़ताल कर रही है। इस बीच में शुभेंदु अधिकारी की मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी की अमित शाह के बीच यह तीसरी मुलाकात है। विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद बंगाल बीजेपी की बैठक हुई थी। उस बैठक में बीजेपी ने छह उम्मीदवारों के नाम केंद्रीय समिति को भेजा है।

बीजेपी के उम्मीदवारों के नामों में बोलपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले अनिर्बान गांगुली, इंटाली से उम्मीदवार रहीं प्रियंका टिबरेवाल, भवानीपुर से ही 2021 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले अभिनेता और उम्मीदवार रुद्रनील घोष, वरिष्ठ नेता तथागत रॉय, बंगाल बिजेपी के उपाध्यक्ष प्रताप बनर्जी और कांकुड़गाछी में राजनीतिक हिंसा में मारे गए बिजेपी के समर्थक अभिजीत सरकार के बड़े भाई विश्वजीत सरकार का नाम शामिल है।

हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि प्रियंका टिबरेवाल उम्मीदवारों की दौड़ में आगे चल रही है और ऐसा माना जा है कि भवानीपुर में वह ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ाई करेंगी। वैसे इस मामले की अदालत में भी चुनौती दी गई है।

पश्चिम बंगाल में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदुअधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक कड़े मुकाबले में मात दी थी। शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से 1956 वोटों से मात दी थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी है।

बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब ममता बनर्जी को पराजय के कारण फिर से उपचुनाव लड़ना पड़ रहा है। उन्हें अपनी सीएम की कुर्सी बचाने के लिए 5 सितंबर तक निर्वाचित होना होगा। अन्यथा सीएम की कुर्सी पर खतरा आ सकता है।

Chhattisgarh