Sep 20 2021 / 4:22 AM

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- बाहर से लोगों को बुलाकर सांसदों को पिटवाया

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता आज फिर नजर आई। सांसद राहुल गांधी, आरजेडी सांसद मनोज झा, शिवसेना नेता संजय राउत सहित 15 दलों के नेताओं ने आज विजय चौक से संसद तक पैदल मार्च निकाली। इस दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री इस देश को बेचने का काम कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि हमने सरकार से पेगासस पर बहस करने के लिए कहा लेकिन सरकार ने मना कर दिया। हमने संसद के बाहर किसानों का मुद्दा उठाया और हम आज यहां मीडिया से बात करने आए हैं क्योंकि हमें संसद के अंदर नहीं बोलने दिया गया। ये देश के लोकतंत्र की हत्या है।

राहुल गांधी ने कहा कि राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाकर और नीली वर्दी में डालकर सांसदों से मारपीट की गई, यह जो भी हुआ लोकतंत्र की हत्या से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री दो-तीन उद्योगपतियों को हिन्दुस्तान की आत्मा बेच रहे हैं। इसलिए विपक्ष सदन के अंदर किसानों, बेरोज़गारों, इंश्योरेंस बिल और पेगासस की बात नहीं कर सकता है।

बता दें कि विपक्ष द्वारा राज्यसभा में जमकर हंगामा किया गया था, कई नेता टेबल पर चढ़कर पर्चे उड़ा रहे थे। राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया ने सदन में इसकी निंदा की थी, लेकिन विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्शल द्वारा सांसदों के साथ बदतमीजी की गई।

मार्च के बाद राहुल गांधी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मानसून सत्र के दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई। विपक्ष पेगासस जासूसी कांड, किसानों की समस्यायें और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा कराना चाहता था मगर सरकार ने उसे नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र समाप्त हो गया है। देश की 60 फीसदी आवाज को कुचला गया, अपमानित किया गया, राज्यसभा में सांसदों को पीटा गया। आज हमें आपसे (मीडिया) बात करने के लिए यहां आना पड़ा क्योंकि हमें (विपक्ष) संसद में बोलने की अनुमति नहीं दी गई। यह लोकतंत्र की हत्या है।

मीडिया के सवालों के जवाब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहली बार राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई। उन्होंने कहा कि बाहर से लोगों को बुलाया गया और सांसदों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उन्होंने चेयरमैन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया और कहा कि चेयरमैन की जिम्मेदारी हाउस को चलाने की है तो फिर चेयरमैन और स्पीकर ने सदन को क्यों नहीं चलाया, विपक्ष की बात सदन में क्यों नहीं रख सकते। मीडिया से बातचीत के दौरान वह मीडियाकर्मी पर भड़के दिखे।

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