Sep 20 2021 / 3:50 AM

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- जीडीपी का मतलब अब गैस, डीजल और पेट्रोल

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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल, डीजल और गैस के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, डीजल, पेट्रोल, अर्थव्यवस्था के तकरीबन हर भाग में इनका इनपुट होता है और जब इनके दाम बढ़ते हैं तो एक सीधी चोट लगती है। सीधी चोट ये है कि ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है और उसकी वजह से महंगाई बढ़ती है।

उन्होंने कहा, पहले डीमोनेटाइजेशन हुआ, फिर मोनेटाइजेशन हुआ। मोदी जी ने पहले कहा था मैं डीमोनेटाइजेशन कर रहा हूं और वित्त मंत्री कहती हैं कि मैं मोनेटाइजेशन करती रहती हूं।

राहुल गांधी ने कहा, डीमोनेटाइजेशन किसानों का, मजदूरों का, छोटे दुकानदारों का, एमएसएमई के सेलरी क्लास का हो रहा है तथा ईमानदार उद्योगपतियों का हो रहा है। 4-5 नरेंद्र मोदी जी के मित्र हैं, उनका मोनेटाइजेशन हो रहा है।

उन्होंने कहा, मोदी जी कहते रहते हैं कि जीडीपी बढ़ रही है, वित्त मंत्री कह रही हैं कि जीडीपी का प्रोजेक्शन ऊपर की तरफ है। जीडीपी का मतलब, गैस, डीजल, पेट्रोल है।

उन्होंने कहा, 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि डीजल, पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। 2014 में सिलेंडर का दाम 410 रुपये था, जब यूपीए ने ऑफिस छोड़ा था और आज 885 रुपये सिलेंडर का प्राइस है, 116 प्रतिशत बढ़ोतरी। पेट्रोल के दाम 71 रुपये था और आज 101 रुपये है, 42 प्रतिशत बढ़ोतरी। डीजल 57 रुपए से बढ़कर 88 रुपए हुआ, 55 प्रतिशत बढ़ोतरी।

राहुल गांधी ने कहा, अब मजेदार बात ये है कि कोई यह बहस कर सकता है कि इंटरनेशनल रेट बढ़ा है, इसलिए हिंदुस्तान की जनता को चोट लग रही है और इसलिए डीमोनेटाइजेशन तथा मोनेटाइजेशन का तमाशा बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, 2014 में 105 डॉलर कच्चे तेल का दाम था और आज 71 डॉलर है, 32 प्रतिशत ज्यादा था हमारे समय। गैस का दाम इंटरनेशनल 880 डॉलर था और आज 653 डॉलर है, जो 26 प्रतिशत कम है।

उन्होंने कहा, इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम कम हुए हैं लेकिन हिंदुस्तान में बढ़े हैं। दूसरी तरफ हमारी संपत्तियों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा, सरकार ने गैस, डीजल, पेट्रोल से 23 लाख करोड़ रुपया कमाया है। ये 23 लाख करोड़ रुपये गए कहां? जनता को पूछना चाहिए कि आपकी जेब से जो पैसा निकाला जा रहा है, वह कहां जा रहा है। जो हिंदुस्तान की संपत्तियां हैं, उनको बेचा जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा, नोटबंदी से पैसा छीना गया, जीएसटी से छीना जा रहा है, किसान कानूनों से छीना जा रहा है, ये पैसा कहां जा रहा है, आपकी जेब में तो नहीं जा रहा, हिंदुस्तान की जनता को पूछना चाहिए कि कहां जा रहा है यह पैसा।

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