Sep 22 2021 / 2:56 PM

ट्विटर पर बरसे राहुल गांधी, कहा- ट्विटर वही सुनता है, जो सरकार कहती है

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नई दिल्ली। जब मोदी सरकार IT गाइडलाइंस लाई थी, तो कांग्रेस और विपक्ष के लोगों ने इसके जरिए ट्विटर पर हमला करने का आरोप लगाया था, लेकिन अब राहुल गांधी का ट्विटर हैंडल सस्पेंड हो गया, तो वह इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एकतरफा होने का आरोप लगा रहे हैं। आज राहुल गांधी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक छोटा सा वीडियो डाला।

इस वीडियो में राहुल ने कहा कि उनका हैंडल सस्पेंड करना देश की राजनीति में हस्तक्षेप है। एक निजी कंपनी हमारे यहां राजनीति की परिभाषा तय कर बिजनेस कर रही है। उन्होंने कहा कि ट्विटर हैंडल को सस्पेंड करने को वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर हमले की तरह देखते हैं। राहुल ने कहा कि ये मुझपर नहीं, मेरे 19-20 मिलियन फॉलोवर्स पर हमला है। ट्विटर उन्हें अपनी राय रखने से रोक रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र खतरे में है। हमें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। मीडिया पर कब्जा कर लिया गया है। राहुल ने कहा कि हमें लगता था कि ट्विटर के जरिए हम अपनी राय रखने की एक रोशनी देख रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय होने के नाते हमें पूछना होगा कि केंद्र सरकार की दोस्त होने की वजह से कंपनियों को हमारी राजनीति की परिभाषा तय करने देना चाहिए ? क्या यही आगे होने जा रहा है ? राहुल ने ये सवाल भी उठाया कि क्या हम अपनी राजनीति की परिभाषा खुद तय नहीं कर सकते ?

उन्होंने कहा कि ये तय हो गया है कि ट्विटर एक पक्षीय प्लेटफॉर्म है। यह भी वही सुनता है, जो सरकार कहती है।

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