Sep 20 2021 / 10:54 PM

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपाल की सिफारिश को दी मंजूरी

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। बीजेपी और शिवसेना के बीच बात न बनने और फिर शिवसेना द्वारा एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कोशिशों के बीच ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी इस सिफारिश पर मुहर लगा दी। वहीं, शिवसेना ने आज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

राज्यपाल ने अपनी सिफारिश में कहा था राज्य में कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है इसलिए यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी।

गृह मंत्रालय का बयान
गृह मंत्रालय ने कहा कि गवर्नर की रिपोर्ट कहती है कि उनकी तरफ से हर संभव कोशिश के बाद भी महाराष्ट्र की सरकार का गठन संविधान के मुताबिक नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 356 के मुताबिक यह अनुशंसा की है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना
राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की खबर के बाद शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। शिवसेना का कहना है कि राज्यपाल ने सरकार बनाने की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। शिवसेना ने अतिरिक्त समय न देने के राज्यपाल के निर्णय को असंवैधानिक, अनुचित और दुर्भावनापूर्ण करार दिया।

बता दें कि इससे पहले राज्यपाल ने बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था। गृह मंत्रालय का कहना है कि राज्यपाल की तरफ से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हुए कहा गया था कि राज्य में संविधान के मुताबिक सरकार गठन मुश्किल नजर आ रहा है। राज्यपाल ने अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करते हुए सूबे में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा की।

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