Dec 02 2021 / 6:15 AM

राष्ट्रीय स्तर पर आर्गेनिक फार्मिंग और वर्मी कम्पोस्ट को बढ़ावा देने की जरूरत: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

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रासायनिक खाद की कमी से निपटने में मिलेगी मदद: स्वाईल हेल्थ होगी बेहतर

छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य, जिसने घोषित किया कोदो-कुटकी, रागी का समर्थन मूल्य

मनरेगा को कृषि कार्यों से जोड़ने की जरूरत: उत्पादन लागत होगी कम

बैठक में छत्तीसगढ़ के मिलेट मिशन और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन कार्यक्रम की सराहना

प्रदेश के 9 जिला अस्पतालों में निःशुल्क कीमोथेरेपी और 8 जिला अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक आयोजित

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन को बढ़ावा देने और जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के साथ देश के अन्य राज्यों में भी रासायनिक खाद की कमी की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी, साथ ही स्वाईल हेल्थ अच्छी होगी और अच्छी गुणवत्ता की कृषि उपज मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण रासायनिक खादों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति में कठिनाई हो रही है, इसलिए रासायनिक खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री आज यहां न्यू सर्किट हाउस में केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, निगरानी, मूल्यांकन और केन्द्र एवं राज्य के मध्य बेहतर समन्वय के लिए आयोजित राज्य स्तरीय दिशा समिति (डेव्लपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस.सिंहदेव, लोकसभा सांसद श्री गुहाराम अजगले, श्रीमती ज्योत्सना महंत, राज्यसभा सांसद श्री रामविचार नेताम, विधायक डॉ. प्रीतम राम, श्री कुंवर सिंह नेताम, श्री लखेश्वर बघेल, श्री शैलेष पाण्डेय, श्रीमती रंजना दीपेन्द्र साहू, छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री धनेश पाटिला, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले और श्री सुब्रत साहू तथा सम्बधित विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के आरंभ में खैरागढ़ के दिवंगत विधायक श्री देवव्रत सिंह के सम्मान में दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य है, जिसने कोदो, कुटकी और रागी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इनका समर्थन मूल्य घोषित किया है। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मिलेट मिशन के तहत मिलेट उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मिशन में बस्तर अंचल के 7 जिले, सरगुजा के 5 जिले के साथ कवर्धा और राजनांदगांव को शामिल किया गया है। वन क्षेत्र के इन जिलों में सिंचाई क्षमता कम है और मिलेट के उत्पादन में कम समय लगता है। इनका उत्पादन बढ़ने से इन क्षेत्रों के निवासियों को आय का अच्छा जरिया मिलेगा। मिलेट की खरीदी और विक्रय की व्यवस्था भी की जा रही है। वन समितियों के माध्यम से मिलेट की खरीदी की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में उपस्थित लोकसभा सांसद श्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ के मिलेट मिशन और जैविक खाद तथा वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन को बढ़ावा देने के कार्यक्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं को लेकर बैठक में सार्थक चर्चा हुई है। सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, योजनाओं के क्रियान्वयन में इनका ध्यान रखा जाएगा।

बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, डिजिटल इंडिया, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एकीकृत वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम, नेशनल रूरल ड्रिकिंग वाटर प्रोग्राम, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा को कृषि कार्यो से जोड़ा जाना चाहिए। वर्तमान में इस योजना के तहत भूमि समतलीकरण और तालाब निर्माण के कार्य प्रमुखता के साथ कराए जा रहे हैं। मनरेगा से निंदाई, फसल कटाई के कार्य भी यदि कराए जाए तो उससे किसानों को सहायता मिलेगी और उत्पादन लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए तथा अनुसूचित क्षेत्रों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंक की नई शाखाएं खोलने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। मनरेगा में वर्ष 2020-21 में कोविड-19 के कारण रोजगार मूलक कार्य इस योजना के अंतर्गत प्राथमिकता से कराए गए। वर्ष 2020-21 में 1841 लाख मानव दिवस का कार्य सृजित कर 30 लाख 61 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया। इसी तरह वर्ष 2021-22 में माह सितम्बर तक 735 लाख मानव दिवस के कार्य सृजित कर 22 लाख 43 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा में जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ के 9 जिला अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए निःशुल्क कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। कोविड संकट के दौरान 450 मरीजों ने इस सुविधाओं का लाभ उठाया। इनमें से अधिकतर बस्तर और जशपुर जिले के हैं। इसी तरह प्रदेश के 8 जिला अस्पतालों में 25 डायलिसिस मशीनें लगाई गई है, जिनके माध्यम से 4576 सेशन में 1370 मरीजों का निःशुल्क डायलिसिस किया गया। रायपुर में हमर लैब की स्थापना की गई है, जिसमें 96 टेस्ट किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस लैब में 120 टेस्ट की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध होगी।

स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे देश में 296 बायो गैस संयंत्रों की स्थापना की गई, जिनमें से 92 प्रतिशत 273 बायोगैस संयंत्र छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए। बैठक में बताया गया कि सामुदायिक शौचालयों के प्रबंधन में आसानी के लिए शौचालय परिसर में दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में 4228 किलोमीटर लंबाई की सड़क और 75 वृहद पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया। राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षकों द्वारा 269 सड़कों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 99 प्रतिशत सड़कों की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 8 लाख 21 हजार आवासों का निर्माण किया गया है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत 5957 लोगों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न व्यवसायों में नियोजित किया गया है।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2020 और रबी वर्ष 2020-21 में 6 लाख 36 हजार 278 किसानों को 850 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास मिशन (शहरी) की समीक्षा में जानकारी दी गई कि इस योजना के अंतर्गत मोर जमीन-मोर मकान योजना और मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 90 हजार 841 आवासों को निर्माण किया गया है। मोर जमीन-मोर मकान के अंतर्गत हितग्राहियों को स्वतंत्र आवास निर्माण के लिए अनुदान राशि दी जाती है तथा मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना के अंतर्गत अस्थाई झुग्गी बस्ती के हितग्राहियों के व्यवस्थापन के लिए किफायती आवास बनाए जाते हैं। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना के रसोईयों का मानदेय 1200 रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए कर दिया गया है।

बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, सुगम्य भारत अभियान, राष्ट्रीय सामाजिक कार्यक्रम, एकीकृत विद्युत विकास योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, जल जीवन मिशन तथा अधोसंरचना विकास के तहत लोक निर्माण विभाग, रेल्वे और टेलीकॉम विभाग की योजनाओं की समीक्षा भी की गई।

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