Nov 28 2021 / 4:37 PM

हमारे सीमावर्ती इलाके पूरी तरह शांतिपूर्ण, बीएसएफ के इन्वॉल्वमेंट की जरूरत नहीं: ममता बनर्जी

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल के अधिकार बढ़ाने का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने लगातार दूसरे दिन विरोध किया। उन्होंने मंगलवार को दार्जिलिंग जिले के कार्शियांग में आयोजित बैठक के दौरान आरोप लगाया कि यह कदम आम आदमी को प्रताड़ित करने के लिए उठाया गया है। बता दें कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाये जाने का ममता बनर्जी ने सोमवार को भी विरोध किया था और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस पर पुनर्विचार की मांग की थी।

बता दें कि बीजेपी नीत केंद्र सरकार ने बीएसएफ एक्ट में संशोधन कर दिया है। इसके तहत पंजाब, पश्चिम बंगाल व असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के क्षेत्र में बीएसएफ को तलाशी, जब्ती व गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने से तस्करी, घुसपैठ और सीमा पर होने वाले अपराध में कमी आएगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के कार्यों की वह प्रशंसा करती हैं, लेकिन उनका अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के पीछे के इरादे का वह विरोध करती हैं। इसकी आड़ में लोगों को प्रताड़ित किया जाएगा। ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है। दार्जिलिंग व कलिंपोंग जिलों की प्रशासनिक बैठक के दौरान कुर्सियांग में सीएम बनर्जी ने यह बात कही। बंगाल की सीएम ने कहा कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की कोई दिक्कत नहीं है।

टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने कहा, मैं इस बारे में मैं केंद्र को पत्र लिख चुकी हूं। हमारे सीमावर्ती इलाके पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, इसलिए हमें बीएसएफ के इन्वॉल्वमेंट की जरूरत नहीं है। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक ने भी इस मामले में बीएसएफ के महानिरीक्षक से बात की है। ममता बनर्जी ने सोमवार को सिलीगुड़ी में भी बीएसएफ के अधिकार बढ़ाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि देश के संघीय ढांचे से छेड़छाड़ का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि पंजाब सरकार ने भी इस फैसले का विरोध किया है।

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