Sep 29 2021 / 12:50 AM

राज्‍यसभा में हंगामे पर मोदी के 7 मंत्रियों का पलटवार, कहा- देश से माफी मांगें विपक्ष

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नई दिल्ली। मोदी सरकार के चार मंत्री पीयूष गोयल, भूपेंद्र यादव, मुख्तार अब्बास नकवी और प्रह्लाद जोशी आज मीडिया के सामने आए। चारों मंत्रियों ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे और बदसलूकी के मामले को देश के सामने रखा। उन्होंने बताया कि विपक्ष अपनी खाल बचाने के लिए झूठ बोल रहा है और सबकुछ देश के लोगों ने अपनी आंखों से देखा है।

राज्यसभा में सत्ता पक्ष के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने मेज पर चढ़कर भद्दा प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला मार्शल पर हमला किया। रूल बुक को आसन की तरफ फेंका। गोयल ने आरोप लगाया कि सुनियोजित साजिश के तहत विपक्ष सदन को चलने ही नहीं देना चाहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि 6 सांसद कांच तोड़कर भीतर घुसे।

पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष इस बार भद्दे व्यवहार को भी पार कर गया और अब झूठ बोलकर एक्शन से बचने की कोशिश कर रहा है। पीयूष गोयल ने एक सवाल के जवाब में आरोप लगाया कि विपक्ष ने राज्यसभा की मर्यादा तार-तार कर दी और सभापति की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन हंगामा करने वालों ने माफी तक नहीं मांगी। राहुल गांधी के इस आरोप पर कि बाहरी लोगों को लाकर सदन में विपक्षी सांसदों पर हमला करवाया गया, गोयल ने कहा कि सदन में क्या हुआ इसका वीडियो है और अपना व्यवहार छिपाने के लिए विपक्ष के नेता उल्टे आरोप लगा रहे हैं।

वहीं, मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सत्र न चलने देना विपक्ष का एजेंडा था। उन्होंने कहा कि देश ने सबकुछ देखा है, लेकिन हम सामने इसलिए आए हैं ताकि विपक्ष की हिंसक सोच को देशवासियों को बता सकें। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष के रवैये से दुख होता है। सरकार तो चर्चा कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ही ऐसा नहीं चाहता था।

मोदी सरकार में मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि रूल बुक को फाड़ना और टेबल पर खड़े होकर नारेबाजी करना सही नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब चर्चा की बात तय हो गई थी, तो विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए था। भूपेंद्र यादव ने साफ कहा कि विपक्ष ने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया है।

सभी मंत्रियों ने मांग की कि राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को उत्पात करने वाले सांसदों पर कार्रवाई करनी चाहिए। यह पूछने पर कि सरकार आखिर ऐसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव क्यों नहीं लाई, पीयूष गोयल ने कहा कि लोकसभा स्थगित हो चुकी थी। राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना था। ऐसे में सरकार के पास प्रस्ताव लाने का वक्त नहीं था।

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