Sep 21 2021 / 12:54 PM

एण्डटीवी के ‘मौका-ए-वारदात’ के ‘कॉप स्क्वैड’ से मिलिए

Spread the love

अपराध के मामलों का रहस्य सुलझाने में कानून और व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए, यह जरूरी होता है कि सभी शहरों की पुलिस आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों से सुसज्जित हो और शहर की कानून व्यवस्था को नियं;ित रख्ने में सफल हो। एण्डटीवी के शो, ‘मौका-ए-वारदात’ में काॅप्स का एक सक्षम और समर्थ समूह है। पुलिसवालों के इस ग्रुप में अमन वर्मा, गौरव खन्ना, कानन अरुणाचलम, शाहबाज खान और तान्या अब्रोल जैसे कई जाने-माने नाम शामिल हैं। पुलिसवालों का यह समूह अपराधियों को उनकी जान बचाकर भागने के लिए मजबूर कर देगा।

एण्डटीवी के शो, ‘मौका-ए-वारदात’ का हिस्सा बनने से खुश गौरव खन्ना कहते हैं, “बचपन से ही मैंने खुद को पुलिस की वर्दी में होने का सपना देखा है जो देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं। इस शो में गौरव सिंह राजपूत के रूप में मुझे एक पुलिस वाला बनकर अपने सपने को सच करने का मौका मिला। गौरव सिंह राजपूत का मेरा किरदार आज की पीढ़ी के एक पुलिस इंस्पेक्टर का है; वह शांत रहता है, बारीकियों पर खास ध्यान देता है और सोच-समझ कर निर्णय लेता है। गौरव के रूप में अपने पहले एपिसोड में, मैं एक टीम का नेतृत्व करता हूं जो एक ऐसे मामले को सुलझाने में सहायता करता है जहां एक माॅन्स्टर (दैत्य) कई हत्याएं करके आतंक मचा देता है।”

लोकप्रिय अभिनेता कानन अरुणाचलम भी पुलिस के इस दल में शामिल हुए हैं। ‘मौका-ए-वारदात’ का हिस्सा होने के अपने उत्साह को साझा करते हुए कानन अरुणाचलम कहते हैं, “खाकी वर्दी पहन कर मैं गर्व और सम्मान से भर जाता हूं, भले ही यह सिर्फ उस भूमिका के लिए हो जिसे मैं निभा रहा हूं। एण्डटीवी के ‘मौका-ए-वारदात’ में कानून का पालन करवाने वाले अधिकारी श्रीकांत अय्यर के रूप में मैं अपनी टीम को अपराध के कई अविश्वसनीय मामले सुलझाने में सहायता करूंगा। श्रीकांत एक अनुभवी पुलिस अधिकारी हैं और अपराध को पुरानी शैली में सुलझाने में विश्वास रखते हैं। ऐसे ही एक मामले की जांच में, पति पत्नी की जोड़ी किसी व्यक्ति की मौत के लिए एक दूसरे को दोषी ठहराती है। बाद में यह खुलासा होता है कि दो और लोगों की भी हत्या हुई थी। श्रीकांत और उसकी टीम इन नृशंस हत्याओं का कारण ढूंढने के साथ ही इन मर्डर्स के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाती है।”

जाने-माने ऐक्टर शाहबाज खान को ‘मौका-ए-वारदात’ में एक सख्त पुलिस आॅफीसर शाहनवाज खान की भूमिका निभाते हुए दिखाया गया है। अपनी भूमिका के बारे में बताते हुए वे कहते हैं, “शाहनवाज खान एक ईमानदार पुलिस आॅफीसर है जो अपराध और गलत कामों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता है। लोगों को कानून का उल्लंघन करते और ऐसा व्यवहार करते हुए देखकर वो नाराज होता है जैसे उन्होंने कुछ गलत किया ही न हो। उनका व्यक्तित्व उनके पेशे की तरह है और अक्सर लोगों को अपना अपराध स्वीकार करने के लिए डरा देता है। जल्दी ही उन्हें एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामले को हैंडल करते हुए दिखाया जाएगा। इसमें एक पुलिस अधीक्षक की बेटी को सुरक्षित बचाया जाएगा जो नक्सलियों के बीच फंस गई है।”

अमन वर्मा को बिल्कुल अलग लुक एवं कैरेक्टर में दिखाया गया है। इस शो में वो पुलिस इंस्पेक्टर अभय कुमार बने हैं। उनका कहना है कि “अभय कुमार सीनियर पुलिस आॅफीसर्स में से एक हैं जो अपना गुस्सा काबू में रखते हुए थाना संभाल रहे हैं। हर बारीकी पर ध्यान देने की आदत के कारण वे ऐसे सुराग तलाश लेते हैं जिसे अक्सर दूसरे लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसमें ऐसे मौके आते हैं जब उनके धैर्य के स्तर का परीक्षण होता है पर वे कभी भी जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करते हैं। वैसे तो कुछ मामले वाकई मुश्किल लगते हैं जैसे एक मामला जिसमें एक व्यक्ति की मौके अपने घर से 100 किलोमीटर दूर होती है पर वह अपनी पत्नी से अपने घर पर उसी समय मिलता है जब उसकी मौत होती है। यह चाहे जितना भ्रम फैलाने वाला और अविश्वसनीय लगे, पुलिस इंस्पेक्टर अभय कुमार इस मामले को सुलझा लेते हैं और अपनी टीम की सहायता से इसे हल करते हैं। कैसे – यह जानने के लिए एपिसोड देखिए!”

‘चक दे इंडिया’ से मशहूर हुई तान्या अब्रोल को अमन वर्मा के साथ एक पुलिस अधिकारी के रूप में देखा जाएगा। अपनी भूमिका के बारे में बताते हुए वे कहती हैं, “मैं सब इंस्पेक्टर सुरभि कौर की भूमिका निभा रही हूं जो पुलिस इंस्पेक्टर अभय कुमार को रिपोर्ट करती है। लश्कर बेहद समर्पित और परिश्रमी है। वह कभी भी किसी काम को ना नहीं कहती है और नौकरी में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करती है। पीआई अभय कुमार के साथ लश्कर का पहला मामला एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का है जो उसी समय अपने घर पर था जब उसकी हत्या हुई बताई गई थी।”

वे आगे कहती हैं, “ऐकिं्टग को एक पूर्णकालिक कॅरियर के रूप में स्वीकार करने का निर्णय करने से पहले मैं आईएएस परीक्षा के लिए तैयारी कर रही थी। हालांकि, जल्दी ही मैंने महसूस किया कि ऐकिं्टग मेरे स्वभाव में था। इसलिए मैं यहां हूं। पर पुलिस अधिकारियों से लगाव मेरे मन में अब भी मजबूत है और मुझे खुशी है कि मैं यह भूमिका निभा रही हूं।”

एण्डटीवी के ‘मौका-ए-वारदात’ में इन पुलिस वालों को देखिए, हर सोमवार से शुक्रवार, शाम 7 बजे, सिर्फ एण्डटीवी पर।

Chhattisgarh