Sep 20 2021 / 3:40 AM

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा पर अमल शुरू

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राज्य के पहले प्रदर्शन-वन की शुरूआत कोरिया जिले के ग्राम पंचायत आनी से

गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू 4 जुलाई को करेंगे वृक्षारोपण

21 एकड़ क्षेत्रफल में 43 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का होगा रोपण

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के समीप कम से कम 10 एकड़ भूमि में प्रदर्शन वन निर्मित करने दिए थे निर्देश

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के प्रावधान और फायदों की जानकारी देने तथा लोगों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के निकट प्रदर्शन-वन विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को सभी जिला मुख्यालयों के आसपास कम से कम 10 एकड़ की शासकीय भूमि चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में राज्य के पहले वन प्रदर्शन का कार्य कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आनी में 4 जुलाई रविवार को अपरान्ह 3.30 बजे शुरू हो रहा है। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू वृक्षारोपण कर इसका शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी।

जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के समीप ग्राम पंचायत आनी के कुल 26 एकड़ क्षेत्र को गौठान चारागाह उपयोग के अतिरिक्त 21 एकड क्षेत्रफल को वन प्रदर्शन प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप नरवा, गरूवा, घुरूवा, बारी के समेकित विकास के साथ एक नई पहल की जा रही है। ग्राम पंचायत आनी में नरवा के विकास के साथ गौठान एवं चारागाह से जहां स्थानीय पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाया जा रहा है वहीं इस गोठान से लगी 21 एकड़ भूमि को वन प्रदर्शन प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें फलदार पौधों की वाटिका के साथ इमारती और शोभनीय पौधों का विस्तारित वन क्षेत्र तैयार किया जा रहा है साथ ही इसमें 20 हजार से ज्यादा की संख्या में औषधीय महत्व के पौधों का रोपण अंतवर्तीय तरीके से किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत आनी के वन प्रदर्शन क्षेत्र में वनों में मिलने वाले सभी प्रजाति के पौधों को तैयार करने की योजना है। यहां प्रदेश में मिलने वाली कुल 43 विभिन्न प्रजातियों के पौधांे का रोपण होगा। इनमें मुख्य रूप से सागौन, शीशम, साल, बीजा, तिन्सा, बरगद पीपल हल्दू जैसे सभी प्रजातियों को लगाया जाएगा। साथ ही एक बड़े क्षेत्रफल में इमारती लकड़ी देने वाले सभी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर वाटिका तैयार की जाएगी। जिससे भविष्य में यह वन प्रदर्शन क्षेत्र अपने आप में अलग आकर्षण और गौठान ग्राम के आम ग्रामीणों के लिए आय का स्रोत बनकर उभरेगा।

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