Sep 21 2021 / 1:43 PM

मुझे गर्व है कि मेरे देश ने इनक्लूजिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रोग्रेसिव कदम उठाया है!

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भारतीय साइन लैंग्वेज (आईएसएल) को मान्यता देने के सरकार के फैसले पर रणवीरसिंह

भारत सरकार ने स्कूलों में इंडियन साइन लैंग्वेज -आईएसएल- को एक अलग विषय के रूप में पढ़ाने की घोषणा की है। प्रधानम़त्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आईएसएल को अब भारत के स्कूलों में एक विषय के तौर पर देश के एजुकेशन सिस्टम का हिस्सा बनाया जायेगा; मतलब अब छात्र इसकी पढ़ाई कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे आईएसएल को बढ़ावा मिलेगा और इस तरह देश के तीन लाख से अधिक दिव्यांग लाभांवित होंगे जो इस समय शिक्षा के लिए साइन लैंग्वेज पर निर्भर हैं।

हम जानते हैं कि सुपरस्टार रणवीर सिंह भारतीय साइन लैंग्वेज -आईएसएल- को देश की 23वीं आधिकारिक भाषा घोषित करने की लगातार मांग करते रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा अपनी आवाज बुलंद की है और इस मसले पर भी जागरुकता बढ़ाने के लिए उन्होंने हाल ही में एक पिटिशन साइन किया था।

रणवीर ने नवजार ईरानी के साथ एक इंडेपेंडेंट रिकॉर्ड लेबल इंकइंक बनाया था जिसे साइन लैंग्वेज म्यूज़िक वीडियो के रूप में भी रिलीज किया गया है — यह अब तक का अकेला रिकॉर्ड लेबल है जिसमें इस तरह की पहल की गई है। भारतीय साइन लैंग्वेज को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने की रणवीर की कोशिशों को देखते हुये देश के बधिर समुदाय ने तहे दिल से उनकी प्रशंसा की है और उनके लिए एक थैंक्यू वीडियो भी बनाया है।

आईएसएल को मान्यता देने के सरकार के फैसले से रणवीर काफी उत्साहित हैं! उन्होंने कहा, :पहली बार भारतीय साइन लैंग्वेज —आईएसएल— को भाषा का दर्जा दिया गया है और मुझे गर्व है कि मेरे देश ने इंक्लूजिविटी को बढ़ावा देने के लिए यह प्रोग्रेसिव कदम उठाया है। इससे बड़ी संख्या में लोग लाभांवित होंगे। यह उनके अधिकारों के संबंध में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित करता है। यह कदम उन्हें समान पहुंच देने के लिए एक लहर पैदा करेगा और इस समुदाय को दुनिया जीतने की ताकत देगा।:

उन्होंने आगे कहा, :छात्रों के एक विषय के रूप में आईएसएल की पढ़ाई करने से देश के बधिर नागरिकों के प्रति समाज में व्याप्त टबू दूर करने में संभवत: मदद मिलेगी। मैं कहूंगा कि इस समय यह कदम जरूरी था। इंकइंक रिकॉर्ड्स के जरिये हमने आईएसएल को मान्यता प्राप्त भाषा घोषित करने के महत्त्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए पिटिशन के लिए समर्थन जुटाया और बधिरों तथा कम सुनने वालों के लिए आईएसएल म्यूजिक वीडियो जारी किया ताकि उन्हें यह महसूस हो कि वे भी समाज का हिस्सा हैं।

रणवीर इस महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर लगातार जागरूकता पैदा करने के लिए देश के नागरिकों को श्रेय देते हैं। वे कहते हैं, :हमें खुशी है कि सरकार ने इतना महत्त्वपूर्ण और सकारात्मक कदम उठाया है। मैं देश के उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिटिशन पर साइन कर सरकार से आईएसएल को मान्यता प्राप्त भाषा घोषित करने की मांग की। आज इस दिन को लाने में उन सबका योगदान है। यह बधिर समुदाय से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की दिशा में ठोस शुरुआत है और हम आने वाले दिनों में भी जागरूकता पैदा करने के लिए जितना संभव होगा काम करते रहेंगे।

इस मुद्दे पर उनका साथ देने वाले नवजार ने कहा : हमने इंकइंक की शुरुआत ऐसी कला की रचना के लिए की थी जो हमें प्रेरणा दे सके, और ‘वार्तालाप’ गाने के जरिये हमें हमारे सेंसेज से परे महसूस करने का मौका मिला और हमने अपनी यात्रा में बधिर समुदाय को शामिल करने की दिशा में पहला कदम उठाया। हमें जल्दी ही उनके संघर्ष के बारे में पता चला और हमने हमारे इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भारतीय साइन लैंग्वेज को देश में मान्याता प्राप्त भाषा घोषित करने की उनकी मांग उठाने के लिए किया।:

वे आगे कहते हैं, :आईएसएल को भारतीय शिक्षा का हिस्सा बनाने का सरकार का फैसला उनकी इस मांग को पूरा करने की दिशा में एक कदम है और उन सबके आभारी हैं जिनके कारण यह पहला कदम संभव हो सका। इंकइंक उन सभी कलाओं और सुविधाओं को बधिर समुदाय के लिए भी एक्सेसिबल बनाने का समर्थन करता है जो सुन सकने वाले लोगों के लिए उपलब्ध हैं।

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