Sep 19 2021 / 12:33 AM

असम-मिजोरम सीमा विवाद पर बोले हिमंता बिस्वा- मैं किसी को भी एक इंच जमीन नहीं लेने दूंगा

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नई दिल्ली। असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद के सोमवार को अचानक हिंसक संघर्ष में तब्दील हो जाने से कम से कम पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 60 अन्य घायल हो गए। सीमा विवाद को लेकर अब असम सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मैं जमीन की एक इंच भी किसी को नहीं दे सकता, अगर कल संसद एक कानून बना दे कि बराक वैली को मिजोरम को दिया जाए, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जब तक संसद यह फैसला नहीं लेती, मैं किसी भी व्यक्ति को असम की जमीन नहीं लेने दूंगा।

सीएम सरमा ने कहा कल हिंसा के दौरान लगातार 30 से 35 मिनट तक फायरिंग ही है, जिसमें हमारे पांच जवानों की मौत हो गई, इसके बाद से चार हजार कमांडो को बॉर्डर पर लगाया गया है, ये कोई नया मुद्दा नहीं है, बल्कि सालों से चला आ रहा मुद्दा है। हमारी सरकार इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्रमशः असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों, हिमंत बिस्वा सरमा और जोरमथांगा से बात की और उनसे विवादित सीमा पर शांति सुनिश्चित करने और सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने का आग्रह किया। अमित शाह ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में सीमा विवादों को सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित किया था जिसके दो दिन बाद यह घटना सामने आई है।

असम के बराक घाटी के जिले कछार, करीमगंज और हैलाकांडी मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासिब और मामित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। एक क्षेत्रीय विवाद के बाद, इस साल अगस्त 2020 और फरवरी में अंतर-राज्यीय सीमा पर झड़पें हुईं। पूर्व में असम के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर घोषणा की थी कि कछार जिले में अंतर-राज्यीय सीमा पर मिजोरम की ओर से ”उपद्रवियों” द्वारा की गई गोलीबारी में असम पुलिस के छह जवान मारे गए।

हालांकि, मिजोरम के गृह मंत्री लालचमलियाना ने एक बयान में कहा कि असम के 200 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सीआरपीएफ की चौकी पार कर आगजनी, हमला और निहत्थे लोगों पर गोलीबारी की, जिसके बाद मिजोरम पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीमा पार से उपद्रवियों ने उस समय अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जब दोनों पक्षों के नागरिक अधिकारी मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे थे।

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