Sep 21 2021 / 11:07 PM

गेंदा और वरूण की शादी में हाई-वोल्टेज ड्रामा!

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एण्डटीवी के ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ में अग्रवाल परिवार अपने घर में नई बहू गेंदा (श्रेणू पारिख) का स्वागत करने वाला है। दोनों परिवार पूरे जोश एवं उत्साह के साथ शादी की तैयारियां कर रहे हैं। शादी की रस्मों और रिवाजों के बीच कई परेशानियां भी खड़ी हुईं, लेकिन गेंदा अग्रसेन महाराज (समीर धर्माधिकारी) के आशीर्वाद और परामर्श से उन समस्याओं का हल निकाल लेगी। आईए जानते हैं कि इस शो में आने वाले सप्ताह में शादी में कौन सा ड्रामा और हंगामा दर्शकों को देखने को मिलेगा।

गहनों से कीमती है अग्रवाल खानदान की शान

गेंदा (श्रेणू पारिख) की मां, संतोष (यामिनी सिंह) शादी के खर्चे को पूरा करने के लिये अपने पुराने गहनों को बेचने के लिये जिंदल की दुकान पर जाती है। संयोग से जिंदल और कुंदन (साई बल्लाल) एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। जब वह संतोष द्वारा उसके गहने बेचने की बात अग्रवाल परिवार को बताता है, तो पूरा परिवार चैंक जाता है। कुंदन अपने परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के लिये संतोष को उसके गहने लौटा देता है और उसे बहुत खरी-खोटी भी सुनाता है। उसके इस व्यवहार से गेंदा का दिल टूट जाता है। संतोष की भूमिका निभा रही यामिनी सिंह ने कहा, ‘‘हर मां अपनी बेटी की शादी के सपने को पूरा करना चाहती है और संतोष की इच्छा भी यही है। वह चाहती है कि उसकी बेटी अपनी शादी वाले दिन सबसे अच्छा शादी का जोड़ा और उसके साथ मैंचिंग ज्वेलरी पहने। इसलिये, वह अपने कुछ पुराने गहने बेचकर अपनी बेटी के लिये नये आभूषण खरीदने का फैसला करती है। संतोष इस बात से अनजान है कि जिंदल और अग्रवाल एक दूसरे के पड़ोसी हैं। वह जिंदल को अपने पुराने गहने बेचने की कोशिश करती है। लेकिन जब कुंदन अग्रवाल को इस बारे में पता चलता है, तो वह बहुत गुस्सा हो जाता है, क्योंकि उसे लगता है कि संतोष की इस हरकत से अग्रवाल परिवार की वर्षों से कमाई हुई इज्जत मिट्टी में मिल सकती है।‘‘

गेंदा ने लौटाया चंद्रहार

कुंदन (साई बल्लाल) अपने परिवार को एक खूबसूरत चंद्रहार दिखाता है। निशा (केनिशा भारद्वाज) इस नेकलेस को वरूण और गेंदा की शादी में पहनना चाहती है, लेकिन कुंदन उसे मना कर देता है। इसके फौरन बाद उसे पता चलता है कि संतोष (यामिनी सिंह) नये गहने खरीदने के लिये अपने पुराने गहनों को बेचने की कोशिश कर रही है, इसलिये वह गेंदा (श्रेणू पारिख) को चंद्रहार देता है। गेंदा इस बात को लेकर असमंजस में है कि उसे हार पहनना चाहिये या नहीं। अग्रसेन महाराज (समीर धर्माधिकारी) गेंदा के सपने में आकर बताते हैं कि उसे क्या करना चाहिये। गेंदा की भूमिका निभा रही श्रेणू पारिख ने कहा, ‘‘चंद्रहार अग्रवाल परिवार का बहुत कीमती खानदानी हार है। जब कुंदन अग्रवाल वह हार गेंदा को देते हैं, तो उसे पहनना गेंदा को सही नहीं लगता। अग्रसेन महाराज की सलाह मानकर गेंदा वह चंद्रहार पूरे सम्मान के साथ कुंदन अग्रवाल को लौटा देती है और उसका कारण भी बताती है। गेंदा के ऐसा करने पर कुंदन की क्या प्रतिक्रिया होगी? और अधिक जानने के लिये यह एपिसोड देखिये।

शादी के वेन्यू में बुकिंग की गड़बड़

कुंदन अग्रवाल को जब पता चलता है कि मनीष (विशाल नायक) ने गलती से शादी के अगले दिन के लिये बैंक्वेट हाॅल की बुकिंग कर दी है, तो वह बहुत टेंशन में आ जाता है। अब ऐन मौके पर शादी की तारीख बदलना मुमकिन नहीं है, इसलिये वे सभी लोग किसी दूसरे बैंक्वेट हाॅल को बुक करने की कोशिशों में जुट जाते हैं, लेकिन किस्मत उनका साथ नहीं दे रही। गेंदा (श्रेणू पारिख) उन्हें सुझाव देती है कि क्यों ना उनकी शादी मंदिर के कम्युनिटी हाॅल में कर दी जाये। वह उन्हें आश्वस्त करती है कि वह खुद शादी की सारी तैयारियों का ध्यान रखेगी। साई बल्लाल ऊर्फ कुंदन अग्रवाल ने कहा, ‘‘शादी की तैयारियों में एक के बाद एक करके मुश्किलें पैदा हो रही हैं, जिससे कुंदन काफी चिंतिंत है। लेकिन गेंदा जिस तरह से सारी परेशानियों का हल निकाल लेती है और शादी की जिम्मेदारियों को संभाल रही है, उससे वह बहुत प्रभावित होता है। वह सभी लोगों के सामने गेंदा की तारीफ करने लगता है और गेंदा जैसी बहू पाकर उसे बहुत गर्व महसूस होता है।‘‘

क्या निशा करेगी गेंदा के नकली गहनों को एक्सपोज?

जब कुंदन अग्रवाल (साई बल्लाल) निशा (केनिशा भारद्वाज) को चंद्रहार पहनने से रोक देता है और गेंदा (श्रेणू पारिख) को वह हार पहनने के लिये देता है, तो निशा को गेंदा से ईष्र्या होने लगती है। वह पूरी शादी के दौरान बहुत हंगामा करती है। शादी में गेंदा के गहनों को देखने के बाद, निशा को उनके आर्टिफिशियल होने का शक होता है और वह गेंदा को एक्सपोज करने का फैसला करती है।

निशा अग्रवाल की भूमिका निभा रहीं केनिशा भारद्वाज ने कहा, ‘‘मनीष के साथ शादी के बाद निशा उस परिवार में इकलौती बहू बनकर रही है, लेकिन जब कुंदन अग्रवाल निशा की जगह गेंदा को चंद्रहार देने का फैसला करता है, तो उसे बहुत बुरा लगता है। निशा को बहुत ईष्र्या होने लगती है और उसका रवैया पूरी तरह से बदल जाता है। वह सभी लोगों का ज्यादा से ज्यादा ध्यान अपनी ओर खींचना चाहती है। उसका ताल्लुक ज्वेलर्स के परिवार से रहा है और इसलिये उसे असली एवं नकली में फर्क करना बहुत अच्छे से आता है। जब वह गेंदा को नकली गहने पहनकर मंडप में बैठा हुआ देखती है, तो उसे एक्सपोज करने का फैसला करती है। दर्शकों को यह देखने के लिये इंतजार करना होगा कि क्या गेंदा की शादी बिना किसी रूकावट के हो जायेगी या फिर निशा अपनी ईष्र्या की वजह से कोई नई नौटंकी करेगी।‘‘

‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ में गेंदा और वरूण की शादी में होने वाला ड्रामा देखिये, हर सोमवार से शुक्रवार, रात 8ः00 बजे सिर्फ एण्डटीवी पर

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