Sep 22 2021 / 1:07 PM

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने जनरल बिपिन रावत

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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनाया गया है। केंद्र सरकार ने रविवार को ही सीडीएस पोस्ट के लिए उम्र की सीमा बढ़ाई थी। बता दें कि रावत 31 दिसंबर को सेनाध्यक्ष पद से रिटायर हो रहे हैं। रावत की जगह मनोज मुकुंद नरवणे नए आर्मी चीफ होंगे। बता दें कि सीडीएस का पद ‘फोर स्टार’ जनरल के समकक्ष होगा और सभी सेनाओं के प्रमुखों में सबसे ऊपर होगा।

सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक की मानें तो सीडीएस सैन्य सुरक्षा मसले पर रक्षा मंत्री के मुख्य सलाहकार होंगे, जिनका वेतन बाकी तीनों सेना प्रमुख के बराबर होगा। इसके साथ सीडीएस पद से रिटायर होने के बाद कोई सरकारी पद नहीं ले सकेगा और पांच साल तक बिना सरकार की इजाजत के प्राइवेट कंपनी या कॉरपोरेट में नौकरी नहीं कर पाएंगे।

15 अगस्त को पीएम की घोषणा के बाद ही सरकार ने एनएसए अजीत डोवाल के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था जिसने तीन महीनों के भीतर सीडीएस की भूमिका, चार्टर और सरकार में उसकी भूमिका पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। सीडीएस सरकार और रक्षा मंत्री का उन मामलों पर प्रिंसिपल मिलिट्री एडवाइजर होगा जो तीनों सेनाओं से जुड़े हुए साझा मामले होंगे।

सीडीएस तीनों सेनाओं-थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख पहले की ही तरह रक्षा मंत्री को ही रिपोर्ट करेंगे। सरकार ने साफ कर दिया कि सीडीएस सीधे तौर से थलसेना, वायुसेना और नौसेना के कमांड और यूनिट्स को कंट्रोल नहीं करेगा। लेकिन उसके अंतर्गत सेना के तीनों अंगों के साझा कमांड और डिवीजन होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ये देश के हायर डिफेंस मैनेजमेंट में एक सुधार की तरह है।

यह भी बताया जा रहा है कि सीडीएस की नियुक्त का मकसद भारत के सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है। सीडीएस तीनों सेनाओं केपरिचालन, लॉजिस्टिक्‍स, आवाजाही, प्रशिक्षण, सहायक सेवाओं, संचार, मरम्‍मत एवं रखरखाव इत्‍यादि में संयुक्तता सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सेनाओं के आधुनिकिकरण में भी सीडीएस की मुख्य भूमिका होगी।

सीडीएस की सेनाओं के फाइव ईयर डिफेंस एक्युजेशन प्लान यानि सेनाओं के पांच साल के रक्षा बजट को भी लागू करने में अहम भूमिका होगी। भविष्य में सीडीएस तीनों सेनाओं के साझा ‘थियेटर कमांड’ बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी के सैन्य सलाहकार के रूप में भी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ काम करेंगे।

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