Oct 26 2021 / 10:18 AM

किसानों का ‘भारत बंद’ खत्म, राकेश टिकैत बोलें- सफल रहा भारत बंद

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नई दिल्ली। भारतीय किसान संघ के नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि किसान संगठनों का ‘भारत बंद’ सफल रहा। उन्होंने यह भी कहा कि हम सरकार के साथ बातचीत को तैयार हैं लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे 40 से अधिक किसान संगठनों के समूह संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आयोजन किया था।

इस देशव्यापी बंद के दौरान देश भर में सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक यातायात, व्यावसायिक गतिविधियों से लेकर अन्य सेवाएं बाधित रहीं। राकेश टिकैत ने कहा, “हमारा ‘भारत बंद’ सफल रहा। हमें किसानों का पूरा समर्थन मिला हम सबकुछ बंद नहीं कर सकते क्योंकि हमें लोगों की आवाजाही का भी ध्यान रखना है। हम सरकार के साथ बातचीत को तैयार हैं लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही। आगे की रणनीति संयुक्त किसान मोर्चा बनाएगा।”

टिकैत ने गन्ने के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी की उत्तर प्रदेश सरकार की घोषणा को किसानों के साथ एक बड़ा मजाक करार दिया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) मेनिफेस्टो में गन्ने की कीमतों को 375-450 रुपए तक बढ़ाने का वादा किया था। इसके बावजूद सिर्फ 25 रुपए बढ़ाए गए हैं। उन्हें नुकसान का हिसाब देना चाहिए। सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। फसलें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर नहीं बिक रही हैं।”

टिकैत ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में गन्ने का खरीद मूल्य अधिक है और वहां डीजल सस्ता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डीजल महंगा होने के कारण राज्य सरकार की यह बढ़ोतरी नाकाफी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य में गन्ने के खरीद मूल्य में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।

इससे पहले भारत बंद को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी के बिना किसानों की भी घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मुठ्ठी भर किसान, कुछ राज्यों का आंदोलन बताने वाले आंख खोलकर देख लें कि किसानो के आह्वान पर आज पूरा देश भारत बंद का समर्थन कर रहा है। बिना किसी दबाव और हिंसा के ऐतिहासिक भारत बंद जारी है। सरकार कान खोल कर लें, कृषि कानूनों की वापसी व MSP की गारंटी के बिना घर वापसी नहीं होगी।”

‘भारत बंद’ के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बाजार खुले रहे और व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक प्रभावित नहीं हुई। हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कों को अवरूद्ध करने और पुलिस द्वारा सुरक्षा जांच के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम देखा गया। दिल्ली में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी सामान्य रूप से सड़कों पर चलती नजर आईं और अधिकतर दुकानें भी खुली दिखीं। उनकी यूनियन और संघों ने किसानों के बंद को केवल ‘‘सैद्धांतिक समर्थन’’ देते हुए हड़ताल नहीं करने का फैसला किया। गाजीपुर बॉर्डर खुलने के बाद दिल्ली-मेरठ रूट पर ट्रैफिक दोबारा चालू हो गई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भारत बंद के कारण दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब, नई दिल्ली-मोगा एक्सप्रेस, पुरानी दिल्ली-पायहाजोत एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से कटरा और अमृतसर शताब्दी सहित लगभग 25 रेलगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दिल्ली, अंबाला और फिरोजपुर मंडलों में 20 से अधिक स्थानों को अवरुद्ध किया जा रहा है. इसके कारण लगभग 25 रेलगाड़ियां प्रभावित हैं।’’

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