Dec 02 2021 / 12:18 AM

गाजीपुर बॉर्डर खाली कर रहे हैं किसान, राकेश टिकैत बोले- दिल्ली जा रहे हैं, पार्लियामेंट पर बैठेंगे

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में चल रही किसान आंदोलन को लेकर सुनवाई के बीच दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर हलचल देखने को मिल रही है। गुरुवार दोपहर के बाद अचानक गाजीपुर बॉर्डर जहां पर किसान सर्विस लेन में मीडिया सेंटर और लंगर के लिए टेंट लगाया था। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मौजूदगी में उसे हटाया जा रहा है।

राकेश टिकैत ने कहा कि हमने कहां रास्ता रोक रखा है, पुलिस ने रास्ता रोक रखा है, हम पूरा रास्ता खोलेंगे, इसके बाद दिल्ली जा रहे हैं और पार्लियामेंट पर बैठेंगे, जहां यह कानून बनाया गया है। हमें तो दिल्ली जाना है।

दरअसल गाजियाबाद से दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़क के सर्विस लेन वाले हिस्से को खोला जाएगा जिस पर मीडिया सेंटर बनाया गया था। इसी सड़क पर लंगर भी लगते थे। खबरों की मानें तो किसान अब सिर्फ ऊपर फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से पर बैठे रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुरवार को कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चितकाल के लिए सड़क अवरुद्ध नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति एस एस कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि कानूनी रूप से चुनौती लंबित है फिर भी न्यायालय विरोध के अधिकार के खिलाफ नहीं है लेकिन अंतत: कोई समाधान निकालना होगा।

पीठ ने कहा, किसानों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चितकाल के लिए सड़क अवरुद्ध नहीं कर सकते। आप जिस तरीके से चाहें विरोध कर सकते हैं लेकिन सड़कों को इस तरह अवरुद्ध नहीं कर सकते। लोगों को सड़कों पर जाने का अधिकार है लेकिन वे इसे अवरुद्ध नहीं कर सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने किसान यूनियनों से इस मुद्दे पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को 7 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। न्यायालय नोएडा की निवासी मोनिका अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया है कि किसान आंदोलन के कारण सड़क अवरुद्ध होने से आवाजाही में मुश्किल हो रही है।

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