Dec 02 2021 / 12:12 AM

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का विवादित बयान, कहा- जय श्री राम का नारा लगाने वाले हैं राक्षस

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नई दिल्ली। हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद हिन्दुत्व की तुलना ISIS और बोको हराम से कर डाली थी जिसके बाद सलमान खुर्शीद मुसीबत में फस गए है। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता के खिलाफ दिल्ली पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।

वहीं सलमान खुर्शीद का विवाद थमा भी नहीं था कि अब कांग्रेस के एक और नेता ने हिंदुओं को लेकर विवादित बयान दे डाला है। इस बार कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने हिंदुओं पर बेतुतका बयान दिया है। दरअसल कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने जय श्रीराम का नारा लगाने वालों की तुलना रामायण के कालनेमि राक्षस से कर दी।

राशिद अल्वी ने ये बयान उत्तर प्रदेश के संभल में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। राशिद अल्वी ने कहा कि हम भी चाहते हैं इस देश में रामराज्य होना चाहिए, लेकिन जिस राज्य में बकरी और शेर एक घाट पर पानी पीते हो वहां नफरत कैसे हो सकती है। राशिद अल्वी का निशाना रामभक्तों की ओर था।

राशिद अल्वी ने आगे कहा, आजकल कुछ लोग जयश्रीराम का नारा लगाकर लोगों को गुमराह करते हैं, ऐसे लोगों से हमें होशियार रहना चाहिए। राशिद अल्वी ने रामायण के एक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा, ‘जब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय जा रहे थे, तब एक राक्षस संत की वेष में जयश्रीराम-जयश्रीराम कह रहा था।

राशिद अल्वी ने कहा, जयश्रीराम सुनकर हनुमानजी रूके, तब उस राक्षस ने कहा कि जयश्रीराम बिना नहाए नहीं कहा जा सकता, हालांकि अभी कई लोग बिना नहाए ही जयश्रीराम बोलते हैं, खैर फिर हनुमानजी नहाने गए, जहां एक श्रापित मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया, मगरमच्छ को मुक्ति मिली और उसने संत का वेष बनाए राक्षस के बारे में सच्चाई बताई।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, आज भी कई लोग जयश्रीराम का नारा लगाते हैं, वह मुनि नहीं हैं, निशिचर (राक्षस) हैं, इसलिए होशियार रहने की जरुरत है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का सिर्फ यह बयान ट्विटर पर खूब वायरल हो रहा है। इसके बाद राशिद अल्वी ने सफाई दी है।

वहीं विवाद को बढ़ता देख कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने सफाई भी दे डाली। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा कि, मैंने ये नहीं कहा कि जय श्री राम बोलने वाला हर आदमी राक्षस होता है, मैंने कहा है कि जय श्री राम बोलने वाला हर आदमी मुनि नहीं होता।

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