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सुरक्षा में चूक पर हंगामा, लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 विपक्षी सांसद सस्पेंड

नई दिल्ली। संसद की सुरक्षा में चूक और निलंबित किए गए सांसदों को लेकर सोमवार को भी संसद में भारी हंगामा हुआ। इस बीच हंगामे के देखते हुए पहले लोकसभा स्पीकर ने 33 सांसदों को निलंबित कर दिया है। इसके बाद राज्यसभा के 45 सांसदों को सस्पेंड कर दिया।

उच्च सदन में सभापति की बात नहीं मानने पर राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों पर कार्रवाई हुई है। यानी एक दिन में 78 सांसदों पर गाज गिरी है। लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी समेत कांग्रेस के 11 सांसद, तृणमूल कांग्रेस के 9, डीएमके के 9 और अन्य दलों के 4 सांसद शामिल हैं।

इन सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पेश किया था। संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष के कुल 33 सांसदों को सस्पेंड किया गया। इनमें से 30 सांसदों को सदन के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है।

जबकि बाकी तीन सांसदों (जयकुमार, विजय वसंत और अब्दुल खालिक) को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया। इन तीन सांसदों पर स्पीकर के कक्ष के सामने जाकर नारेबाजी करने का आरोप है।

स्पीकर की ओर से जिन सांसदों को निलंबित किया है, उनमें कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का नाम भी है। अधीर रंजन समेत 30 सांसदों को पूरे शीत सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ कांग्रेस और टीएमसी सहित कई विरोधी पार्टियों के सांसद भी हैं। दयानिधि मारन और सौगत रॉय को निलंबित किया गया है।

बता दें कि 33 सांसदों को सोमवार को ही निलंबित किया गया है। इससे पहले भी लोकसभा से 13 और राज्यसभा से 1 सांसद को निलंबित किया जा चुका है। इस हिसाब से निलंबित सांसदों की कुल संख्या 47 पहुंच गई है। इन सभी पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और आसन की अवमानना करने का आरोप है।

राज्यसभा में हंगामा कर रहे विपक्ष के 45 सांसदों को चेयरमैन द्वारा निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल सहित कई राज्यसभा सांसदों को संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही राज्यसभा कल 19 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

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