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देश में 24 घंटे में कोरोना के 52,123 नए केस, 775 लोगों की मौत

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में 24 घंटे में कोरोना वायरस के सबसे अधिक 52,123 मामले सामने आए और 775 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 15,83,792 हो गई है। जिनमें से 5,28,242 सक्रिय मामले हैं, 10,20,582 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 34,968 लोगों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के 52 हजार 123 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना के कुल मामले 15 लाख 83 हजार 792 पहुंच गए हैं। इसमे से 5 लाख 28 हजार 242 सक्रिय मामले हैं जबकि 10 लाख 20 हजार 582 लोग ठीक हो चुके हैं।

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को ‘रेमडेसिविर’ और ‘टोसिलिजुमैब’ दवा का समान वितरण सुनिश्चित करने को कहा है। इन दोनों दवाओं को देश के लिए तैयार कोविड-19 उपचार प्रोटोकॉल में ‘संभावित इलाज पद्धति’ के तौर पर शामिल किया गया है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसकी उपलब्धता असमान नहीं हो और ये केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह जाएं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अरूणाचल प्रदेश, दादरा एवं नागर हवेली, दमन एवं दीव ने हाल ही में इन दवाओं की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद इस विषय में डीसीजीआई ने हस्तक्षेप किया। मंत्रालय ने डीसीजीआई को लिखे पत्र में यह पता लगाने को कहा कि कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ये दवाएं उपलब्ध हैं और कहां अभी इनकी आपूर्ति और वितरण संबंधित कंपनियों द्वारा नहीं किया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा, मुझे यह कहने का निर्देश मिला है कि कोविड-19 चिकित्सकीय प्रबंधन नियमावली के तहत संभावित इलाज पद्धति में शामिल रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब की उपलब्धता के अलावा इसके भौगोलिक वितरण तथा पहुंच की निगरानी की जाए। मंत्रालय द्वारा 27 जुलाई को लिखे पत्र में कहा गया, हमें इस बात से अवगत कराया जाए कि कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक यह दवा पहुंच रही है और क्या ऐसा कोई राज्य है जो कंपनियों द्वारा संबंधित दवा की आपूर्ति और वितरण से छूट गया है।

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