Sep 21 2021 / 1:54 PM

जब तक हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है तब तक ही है लोकसभा, संविधान, धर्मनिरपेक्षता: नितिन पटेल

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नई दिल्ली। गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान, धर्मनिरपेक्षता और कानून की बात तब तक चलेगी, जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं और एक बार समुदाय के अल्पसंख्यक हो जाने के बाद कुछ भी नहीं रहेगा।

पटेल ने गांधीनगर में भारत माता मंदिर में यह टिप्पणी की, जिसे राज्य में भारत माता का पहला मंदिर माना जाता है। विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव (मूर्ति स्थापना समारोह) में बोलते हुए पटेल ने कहा, हमारे देश में कुछ लोग संविधान, धर्मनिरपेक्षता के बारे में बात करते हैं। लेकिन मैं आपको बताता हूं, और अगर आप इसे वीडियो रिकॉर्ड करना चाहते हैं, तो इसे करें… मेरे शब्दों को नोट कर लें।

संविधान, धर्मनिरपेक्षता, कानून आदि की बात करने वाले ऐसा तब तक करेंगे जब तक कि इस देश में हिंदू बहुसंख्यक नहीं हैं, जिस दिन हिंदुओं की संख्या घट जाएगी और दूसरों की वृद्धि होगी, वहां धर्मनिरपेक्षता नहीं, लोकसभा नहीं, संविधान नहीं। सब कुछ फेंक दिया जाएगा और दफन हो जाएगा। कुछ नहीं रहेगा।

समारोह में गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, विहिप और आरएसएस के शीर्ष नेता मौजूद थे। पटेल ने अपने लगभग 37 मिनट के भाषण में आगे कहा, मैं सभी के बारे में बात नहीं कर रहा हूं। मुझे इसे भी स्पष्ट करना चाहिए। लाखों मुसलमान देशभक्त हैं, लाखों ईसाई देशभक्त हैं। भारतीय सशस्त्र बलों में हजारों मुसलमान हैं। गुजरात पुलिस बल में हजारों मुसलमान हैं। वे सभी देशभक्त हैं।

डिप्टी सीएम ने राज्य के विवादास्पद धर्मांतरण विरोधी कानून (गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन (संशोधन) अधिनियम, 2021) के विषय पर भी चर्चा की, जिसे सरकार ने विवाह द्वारा जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाया था। कानून के प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं के बाद अधिनियम की कुछ धाराओं पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई है। गुजरात सरकार ने कहा है कि वह उच्चतम न्यायालय में आदेश को चुनौती देगी।

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