Sep 20 2021 / 11:25 PM

सारूडीह, कांटबेल के बाद अब गुटरी में भी चाय बगान

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अनुकूल जलवायु होने से काजू, नाशपाति, लीची और आलू की अच्छी पैदावार

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में किसानों को विभिन्न लाभकारी फसलों के प्रति प्रोत्साहन से अब जशपुर जिले ग्राम गटरी में भी चाय बगान तैयार हो गया है। गुटरी चाय बगान में 25 हजार से अथिक चाय के पौधों को रोपण किया गया। गौरतलब है कि जशपुर जिले की जलवायु चाय बगान के लिए उपयुक्त है। यहां सारूडीह और कांटबेल में बड़ी संख्या में किसानों द्वारा चाय की खेती की जा रही है। इस लाभकारी फसल के लिए जिला प्रशासन भी किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कृषि विभाग के अधिकारियों बताया कि जिले की जलवायु चाय और कॉफी की खेती के लिए अनुकूल है। सारूडीह की चाय बगान की प्रदेश में काफी प्रसिद्ध हो चुका। जशपुर आने वाले पर्यटक सारूडीह चाय बगान की सुन्दरता देखने जरूर आते हैं। इसके साथ ही मनोरा विकासखण्ड के कांटाबेल में भी 20 से अधिक किसान चाय की खेती कर रहे हैं।

जशपुर विकासखण्ड के ग्राम गुटरी में भी अब चाय की खेती होने लगी है। यहां किसानों ने अपने खेतों में 25 हजार पौधे का रोपण कर चुके हैं और लगभग 45 हजार चाय के पौधे रोपण का लक्ष्य है। जिले में चाय के अतिरिक्त उपयुक्त जलवाययु होने के कारण काजू, नाशपाति, लीची और आलू की भी अच्छा पैदावार हो रही है।

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