Sep 29 2021 / 1:53 AM

एण्डटीवी के ‘बाल शिव‘ में आन तिवारी बनेंगे बाल शिव और सिद्धार्थ अरोड़ा निभायेंगे महादेव का किरदार

Spread the love

भगवान शिव और उनके विभिन्न अवतारों के बारे में हमने कई कहानियां सुनी हैं, लेकिन एक कहानी ऐसी है जिसके बारे में पहले कभी नहीं बताया गया। जी हां, यह कहानी है बाल शिव और उनके बाल रूप की। एण्डटीवी भारतीय टेलीविजन पर पहली बार भगवान शिव के बाल रूप की एक अनकही और अनसुनी कहानी लेकर आया है। इस कहानी को पौराणिक शो ‘बाल शिव’ के जरिये प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शो में बाल कलाकार आन तिवारी बाल शिव की भूमिका निभायेंगे। वे दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिये पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, टेलीविजन के मशहूर एक्टर सिद्धार्थ अरोड़ा इस शो में महादेव की भूमिका को पर्दे पर साकार करने वाले हैं।

बाल शिव की भूमिका निभाने की अपनी खुशी का इजहार करते हुये नन्हें आन तिवारी कहते हैं, ‘‘इस शो के साथ जुड़कर मैं बहुत खुश हूं। मुझे भगवान शिव बहुत अच्छे लगते हैं। मैंने उनके कुछ मंत्रों को पूरे दिल से याद किया है और मैं बिना किसी परेशानी के उनको दोहरा सकता हूं। सभी लोगों का इतना ज्यादा प्यार पाकर मुझे बड़ा मजा आ रहा है। हर कोई मेरा ख्याल रखता है। प्रोडक्शन टीम भी मुझे बहुत लाड़ करती है। मेरे परिवार में सभी लोग और दोस्त बहुत ज्यादा खुश हैं। हमें अभी भी बधाई देने के लिये काफी सारे काॅल आ रहे हैं। इन सबसे बहुत अच्छा महसूस होता है।‘‘

महादेव के किरदार के बारे में सिद्धार्थ अरोडा का कहना है, ‘‘मैं इस बात को पूरे दिल से मानता हूं कि आप भगवान शिव के किरदार को नहीं चुनते, बल्कि भगवान शिव आपको चुनते हैं। यह रोल मेरे पास उनके आशीर्वाद के रूप में आया है! जाहिर-सी बात है कि महादेव के किरदार को निभाने का मौका पाकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। दर्शकों ने पहले जिस तरह की कहनियां देखी हैं, यह उनसे काफी अलग है। यह वैसी पारंपरिक प्रस्तुति नहीं है। इस शो में उन्हें महादेव का करुणामयी रूप देखने को मिलेगा। हालांकि, इस किरदार के साथ काफी सारी जिम्मेदारियां भी जुड़ी है। इसके लिये बहुत तैयारियां और रिसर्च की गई और इसमें काफी मेहनत लगी है। मैंने भूमिका को समझने और उसे निभाने के लिये तीन तरीके अपनाये, सबसे पहले वर्कआउट करके फिजिकली, मेडिटेशन से मेंटली और वास्तविकता में भी शांतचित्त रहने के लिये प्राणायम और आध्यात्म का सहारा लिया। मैं बनारस का रहने वाला हूं जोकि आध्यात्म की भूमि है। शिव जी मेरे जीवन का अहम हिस्सा हैं। बनारस में जब हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं तो हम महादेव कहते हैं। मेरी जिंदगी में शिव का प्रभाव अवचेतन रूप में रहा है, हमारी संस्कृति में यह रचा-बसा है। मैं शिव जी की भूमिका निभा कर अपनी कला को पूरा कर रहा हूं। इससे ज्यादा और क्या चाहिये!‘‘

भगवान शिव ने कई अवतार धारण किए हैं लेकिन कभी भी बचपन और मां के प्यार का अनुभव नहीं किया है। ज़ी स्टूडियोज द्वारा निर्मित ‘बाल शिव‘ में उनके बचपन और आत्म-ज्ञान के कई अध्यायों के माध्यम से मां और बेटे (महासती अनुसूया और बाल शिव) की एक अनकही पौराणिक कथा दिखायी जायेगी।

‘बाल शिव’ के बारे में और जानने के लिये हमारे साथ बने रहिये, यह शो जल्द आ रहा है सिर्फ एण्डटीवी पर!

Chhattisgarh