उत्साह 2019 के तहत आईआईएम इंदौर में लीडरशिप और मार्केटिंग पर कार्यशाला

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 31-08-2019 / 6:37 PM
  • Update Date: 31-08-2019 / 6:37 PM

उत्साह एक अनूठा और आईआईएम इंदौर द्वारा आयोजित मध्य भारत का सबसे बड़ा विपणन उत्सव है। यह 11 वां संस्करण है जिसकी शुरुआत ‘ऊत्साह’ ने 31 अगस्त, 2019 को आईआईएम इंदौर में मार्केटिंग और लीडरशिप पर कार्यशाला का उत्साहपूर्वक संचालन के साथ की। इसमें विपणन के क्षेत्र से 4 प्रख्यात वक्ताओं के भाषण हुए।

कार्यशाला में श्री सुमित अरोड़ा (क्षेत्रीय वाणिज्यिक निदेशक (एशिया) METHOD), श्रीमती ख्याति मदान (डिजिटल मार्केटिंग लीड, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट), प्रोफेसर थॉमस पुलियाल (एडजंक्ट प्रोफेसर और एरिया हेड – मार्केटिंग, SPJIMR) और श्रीमती पर्णिका श्रीमाली (ब्रांड मार्गदर्शन डोमेन लीड, कंतर साउथ एशिया इनसाइट्स डिवीजन) शामिल हुए।

कार्यशाला की शुरुआत आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु राय के संबोधन से हुई। उन्होंने महाभारत के किस्सों का उदहारण दे कर आज के मार्केटिंग परिदृश्य तक की समानताएं बतायीं।

मार्केटिंग रिसर्च के दिग्गज श्री सुमित अरोड़ा ने मार्केट रिसर्च के क्षेत्र में मार्केटिंग और डेवलपमेंट मेजरमेंट मेट्रिक्स में जवाबदेही के बारे में बताया। श्री अरोड़ा ने इस तथ्य पर जोर दिया कि, “बेहतर विपणन अधिक प्रभावी, अधिक कुशल और हमेशा किफायती है”।

श्रीमती ख्याति मदान ने फिल्म उद्योग में डिजिटल मार्केटिंग पर अपनी अंतर्दृष्टि के साथ मार्केटिंग डोमेन का एक नया अवलोकन किया। वह शाहरुख खान और श्रीमती गौरी खान के स्वामित्व वाली रेड चिलीज में मार्केटिंग लीड हैं। उन्होंने कहा कि एआई बॉट्स, एआर, वीआर और गैमीफिकेशन फिल्मों के विपणन के तरीके को बदल रहे हैं और उसी के पूंजीकरण पर भी जोर दिया गया है। “फिल्म विपणन में केवल एक नियम है कि कोई नियम नहीं है” उन्होंने मन्त्र बताया।

प्रोफेसर थॉमस पुलियाल ने बताया कि बाजार अनुसंधान आज की व्यावसायिक जरूरतों को कैसे बदल रहा है। डेटा इस तरह से विकसित हुआ है कि “न केवल वर्णनात्मक है, बल्कि आज उभरते हुए डेटा के माध्यम से भविष्य कहनेवाला और पूर्वव्यापी प्रकार की जानकारी को देखना” भविष्य है। इसके साथ उन्होंने गुणात्मक और मात्रात्मक डेटा के एकीकरण के बारे में बात की। उन्होंने यह भी ध्यान केंद्रित किया कि डेटा की कमी के कारण बाजार में अंतर को भरने के लिए स्टार्ट-अप कैसे सहायता कर रहे हैं।

इसके बाद श्रीमती पर्णिका श्रीमाली ने कार्यशाला में अपना संदेश देने के लिए एक अलग तरीका अपनाया। केस स्टडी और आकर्षक वीडियो के उपयोग ने ब्रांडिंग और संचार के माध्यम से व्यावसायिक चुनौतियों को समझने के लिए तकनीकों को बहुत आसान बना दिया। अपने ऑडियंस बेस को बढ़ाना (लुलुलेमन केस), लैंगिक समानता और सुरक्षा सम्मेलनों (जिम बीम केस) और उत्पादों का विभेदीकरण (एंगेज परफ्यूम केस) कुछ ऐसे विषय थे जिनपर चर्चा हुई।

कार्यशाला ने प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से नए सुझावों और विपणन के गुर सीखने के लिए एक मंच प्रदान किया।

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