जाने क्या है क्या है जीका वायरस और यह कैसे फैलता है, कैसे करें पहचान और अपनों का बचाव

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 09-10-2018 / 11:45 PM
  • Update Date: 09-10-2018 / 11:45 PM

क्या है जीका वायरस?
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की तरह ही जीका एक बड़ी जन-स्वास्थ्य समस्या है। जीका वायरस से संक्रमित कई लोग खुद को बीमार महसूस नहीं करते। अगर मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है, जिसके खून में वायरस मौजूद हैं, तो यह किसी अन्य व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकता है।

आपको बता दें कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में 22 लोगों में ज़ीका वायरस का संक्रमण पाया गया है। और जयपुर के निर्धारित इलासकों से संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। जीका विषाणु जनित रोग दुनिया भर के 86 देशों में दर्ज किया गया है। भारत में जनवरी और फरवरी 2017 में पहली बार इसके प्रसार की पुष्टि अहमदाबाद में हुई थी। इसके बाद तमिलनाडु में भी इसकी पुष्टि हुई थी।

ऐसे फैलता है यह वायरस
जीका वायरस एक तरह के एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में सक्रिय होते हैं। खासतौर पर ये मच्छर दिन के दौरान, सुबह बहुत जल्दी और सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले काटते हैं। वायरस संक्रमित महिला के गर्भ में फैल सकता है और शिशुओं में माइक्रोसिफेली और अन्य गंभीर मस्तिष्क रोगों का कारण बन सकता है। वयस्कों में यह गुलैन-बैरे सिंड्रोम का कारण बन सकता है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नसों पर हमला करती है, जिससे कई जटिलताओं की शुरुआत होती है। मच्छरों के अलावा असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित खून से भी जीका बुखार या वायरस फैलता है।

बुरी खबर यह है कि जीका वायरस से निपटने के लिए कोई दवा या इंजेक्शन तैयार नहीं हो पाया है। पहली बार 1947 में जीका वायरस की का मामला पहचाना गया था। बीते साल ब्राजील में जीका ने खूब तबाही की थी। यहा तकरीबन डेढ़ लाख लोग इस वायरस से प्रभावित हो गए थे।

क्या हैं जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के लक्षणों को पहचान पाना मुश्किल है। तकरीबन संक्रमण से ग्रस्त हर 5 में से 1 ही व्यक्ति के लक्षणों की पहचान हो पाती है। लक्षणों में कुछ लक्षणों में जोड़ों में दर्द, लाल आंखें, जी मिचलाना या उल्टी आना, बेचैनी महसूस होना जैसे लक्षण हैं।

ऐसे करें बचाव
जीका वायरस संक्रमण के लिए कोई टीका नहीं है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा पर जाने वालों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं का मच्छरों से भलीभांति बचाव करना चाहिए।

जब एडिस मच्छर सक्रिय होते हैं, उस समय घर के अंदर रहें। ये मच्छर दिन के दौरान, सुबह बहुत जल्दी और सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले काटते हैं।

घर में मच्छर न पनपने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

जब आप बाहर जाएं तो जूते, मोजे, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और फुलपैंट पहनें।

यह सुनिश्चित करें कि मच्छरों को रोकने के लिए कमरे में स्क्रीन लगी हो।

ऐसे बग-स्प्रे या क्रीम लगाकर बाहर निकलें, जिसमें डीट या पिकारिडिन नामक रसायन मौजूद हो।

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