फाइनल मैच में खेली गई अपनी पारी से दुखी हैं विजय शंकर, कहा – इसे जिंदगीभर नहीं भूल सकता

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 23-03-2018 / 9:10 PM
  • Update Date: 23-03-2018 / 9:10 PM

नई दिल्ली। निदाहस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ऑलराउंडर विजय शंकर को हीरो बनने का मौका मिला था, जिसे उन्होंने गंवा दिया था। भारत को जब जीत के लिए कम गेंदों में ज्‍यादा रन की जरूरत थी, ऐसे वक्‍त शंकर ने बेहद धीमी पारी खेली। उनकी इस धीमी पारी की वजह से भारत हार भी सकता था अगर दिनेश कार्तिक ने तूफानी पारी नहीं खेली होती और खासकर उस आखिरी गेंद पर छक्का ना जड़ा होता।

हालांकि, अब खुद विजय शंकर ने अपनी उस पारी पर चुप्‍पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। शंकर का कहना है कि, ‘वो जिंदगीभर इस मैच को नहीं भूल पाएंगे। ये एक खराब दिन था। मैं इससे बाहर आना चाहता हूं। पूरा टूर्नामेंट मेरे लिए शानदार गुजरा था मगर आखिरी मैच में सबकुछ बदल गया। मुझे पता है कि बतौर खिलाड़ी मुझे इस सदमे से बाहर आना होगा।

शंकर ने सोशल मीडिया पर हो रही उनकी खिंचाई पर कहा कि, मुझे पता है कि जब आप टीम इंडिया के लिए खेलते हैं तो इन सबका सामना करना पड़ता है। फाइनल मैच में जब मैं रन नहीं बना पाया तो मुझे ट्रोल किया गया। वहीं अगर मैं ये मैच जीता देता तो यही लोग मेरी बड़ाई करते। खैर ये सबकुछ जिंदगी का अनुभव है इससे दूर नहीं भागा जा सकता।

27 साल के शंकर आगे कहते हैं कि, मैंने हीरो बनने का अवसर गंवा दिया। मुझे खेल को खत्‍म करना चाहिए था मगर वो मौका हाथ से निकल गया। हालांकि मैच खत्‍म होने के बाद कप्‍तान रोहित और कोच रवि ने मुझे समझाया कि जब सबकुछ ठीक रहा तो मुझे ज्यादा सोचने की कोई जरुरत नहीं।

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