पति की मौत के तीन साल मां बनी पत्नी – जानें कैसे

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 27-08-2018 / 10:28 PM
  • Update Date: 27-08-2018 / 10:28 PM

नई दिल्‍ली। तीन साल पहले अपने पति को खो चुकी युवा मार्केटिंग कंसल्‍टेंट सुप्रिया जैन की दुनिया फिर से रोशन हो गई है। एक कार एक्सीडेंट में अपने पति को खो देने के ठीक तीन साल बाद, उसी दिन सुप्रिया ने जसलोक हॉस्पिटल में अपने नए जन्मे बच्चे को गोद में उठाया। यह सबकुछ प्यार, इंतजार और तकनीक के चलते संभव हो पाया है।

दरअसल महिला के पति का रोड एक्सिडेंट में तीन साल पहले निधन हो गया था, लेकिन शादी से पहले दोनों ने आईवीएफ कराने का फैसला लिया था, जिसके बाद यह चमत्कार पति की मौत के तीन साल बाद भी संभव हो सका है।

आईवीएफ एक प्रक्रिया है जिसमें अंडे की कोशिकाओं को मां के गर्भ से बाहर निकालते हैं और डोनर के स्पर्म के साथ निषेचित करते हैं। निषेचित करने की पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन दिनों का समय लग जाता है। भ्रूण के पर्याप्त विकास के बाद इसे वापस मां के गर्भ में पहुंचा दिया जाता है।

हालांकि दंपती की किस्मत में कुछ और ही था। इस प्रक्रिया के शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही गौरव (सुप्रिया का पति) की मृत्यु हो गई। इस अनहोनी घटना के बाद सुप्रिया सदमे में रहने लगी। अपनी निराशा और अकेलेपन को वो ब्लॉग के जरीए साझा किया करती थी।

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