एशियाई गेम्‍स में रजत पदक जीतने वाली सुधा ने बताया कैसे बनी एथलीट

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 28-08-2018 / 9:23 PM
  • Update Date: 28-08-2018 / 9:23 PM

अमेठी। इंडोनेशिया में चल रहे 18वें एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव की एथलीट सुधा सिंह ने कहा है कि पढ़ाई से बचकर भागने की आदत ने उन्हें एथलीट बना दिया। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सुधा ने मंगलवार को कहा – मैं तो सबको पीछे करने का लक्ष्य लेकर दौड़ती हूं।

मैडल मिलेगा या नहीं इस बात पर ध्यान नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका मन पढ़ाई से ज्यादा खेलों में लगता था। गांव में बच्चों से रेस लगाना, पत्थर फेंकना, पेड़ों से कूदना उन्हें पसंद था। इस आदत से कभी-कभी तो घर में सब परेशान हो जाते थे, फिर भी वे उन्हें खेलों में बढ़ावा देते थे।

उन्होंने कहा – मुझे अपने देश के लिए दौड़ना अच्छा लगता है। खासतौर पर जब देश के बाहर बुलाया जाता है ‘सुधा सिंह फ्रॉम इंडिया’, यह सुनाई पड़ने से लगता है कि मैं वाकई स्पेशल हूं। बस यही सुनने के लिए बार-बार खेलने का मन करता है। मेरा परिवार बहुत बड़ा है। हम चार भाई-बहन हैं। घर में सभी मुझे टीवी पर देखकर खुश होते हैं।

सुधा ने कहा – री ख्वाहिश यूपी के बच्चों को ट्रेनिंग देने की है। इसके लिए मैंने कोशिश भी की है, लेकिन इसके लिए कि­सी और विभाग में नौकरी करने के लिए मुझे यूपी आना पड़ेगा। कई बार वन विभाग और अन्य जगहों से कॉल आई, लेकिन मैंने मना कर दिया। मुझे सिर्फ खेल विभाग में ही आना है जिससे बच्चों को सही दिशा दिखा सकूं। उन्होंने कहा कि उन्हें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद है।

Share This Article On :

BIG NEWS IN BRIEF