सोनभद्र कांड: पीड़ितों से प्रियंका गांधी ने की मुलाकात

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 20-07-2019 / 1:43 PM
  • Update Date: 20-07-2019 / 1:43 PM

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज सोनभद्र नरसंहार के पीड़ितों से चुनार गेस्ट हाउस में मुलाकात की। पाड़ितों के परिजनों से मिलकर प्रियंका भावुक हो गई और रोने लगी। हालांकि कुछ पीड़ितों को प्रशासन ने बाहर ही रोक दिया। प्रियंका ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘प्रशासन न हमें मिलने दे रहा है और पीड़ित परिवारों को भी यहां आने से रोक रहा है।

‘प्रशासन की मानसिकता क्या है?
प्रियंका ने कहा, ‘पीड़ितों के सिर्फ दो रिश्तेदारों ने मुझसे मुलाकात की, 15 लोगों को मुझसे मिलने नहीं दिया गया। न ही मुझे उनसे मिलने की अनुमति दी गई। भगवान जाने इनकी मानसिकता क्या है? आप थोड़ा दबाव बनाइए, उन्हें आने दीजिए।’ प्रियंका ने आगे कहा, ‘प्रशासन की मानसिकता मेरे समझ से परे हैं। वे लोग इतने दर्द में मुझसे मिलने आए हैं लेकिन प्रशासन ने मुझे जाने दे रहा है और न उन्हें आने दे रहा है। जिनसे मिलने मैं आई थीं, उन्हें मुझसे मिलने आना पड़ रहा है। कुछ लोगों को मिलने से रोका जा रहा है।’

मैं धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहती- प्रियंका
प्रियंका गांधी ने चुनार गेस्ट हाउस से सुबह कहा था, ‘जब मुझे कल रोका गया तो मैंने कहा था कि मैं धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहती हूं और आप गाड़ी में ही मुझे बैठाकर ले चलिए, मैं अपने साथ दो लोगों को ही लेकर सोनभद्र चलने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं पीड़ितों से किसी भी सूरत में मिलना चाहती हूं। मुझे पीड़ितों से मिलना है मिलवा दें। मैं परिवार के सदस्यों से मिले बिना नहीं जाऊंगी। अगर सोनभद्र के बाहर भी मिलवाना चाहे तो मिलवा दें।’

हमें प्रियंका से मिलने से रोका जा रहा था- पीड़ित
पीड़ित परिवारों से बात करते हुए प्रियंका भावुक भी हो गईं। प्रियंका ने कहा कि वह धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहतीं, फिर भी सरकार उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही है। इससे पहले गेस्ट हाउस के बाहर पीड़ितों ने बताया कि उन्हें यहां आने से रोका जा रहा था, वे कुल 15 लोग हैं जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। पीड़ितों ने कहा कि वे खुद अपना टेंपो करके यहां आए हैं।

मनमानी कर रही यूपी सरकार- राहुल गांधी
प्रियंका को रोके जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। राहुल ने ट्वीट किया है कि प्रियंका को अवैध रूप से असेस्ट किया गया है। प्रियंका को पीड़ितों से मिलने से रोकने के लिए सत्ता का मनमाना उपयोग किया जा रहा है। इससे ये साबित होता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार असहज महसूस कर रही है।

मिर्जापुर पहुंच रहे हैं सीएम भूपेश बघेल
दूसरी ओर, कांग्रेस के कई बड़े भी मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस पहुंच रहे हैं। प्रियंका के समर्थन में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश सिंह बघेल, जितिन प्रसाद और दीपेंद्र हु़ड्डा भी चुनार पहुंच रहे हैं।

यूपी में अघोषित इमर्जेंसी- कांग्रेस
उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर राम नाईक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘यह सरकार नहीं चाहती है कि कोई भी पीड़ितों के आंसू पोछे। जो कुछ भी हुआ, वह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक था। ऐसा लगता है कि शायद यूपी सरकार ने अपने पाप और कमियां छिपाने के लिए अघोषित इमर्जेंसी लागू कर दी है।’

राजनीतिक रोटियां न सेंके प्रियंका- बीजेपी
दूसरी ओर बीजेपी ने प्रियंका के धरने को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ‘श्रीमती वाड्रा को लगता है कि सोनभद्र में टूरिज्म चल रहा है। इसलिए वे घूमने जा रहे हैं। बीएचयू गईं पीड़ित परिवारों से मिलने किसी ने आपको रोका नहीं लेकिन यहां पर धारा 144 लगाया है और अगर आप शांति भंग करने जाएंगी तो कोई सरकार अनुमति नहीं देगी।’

‘1955 में आपकी सरकार ने वनवासियों की जमीनें बेची’ सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा, ‘जो प्रशासन है अपना काम किया, आप दखलअंदाजी करेंगे, रोटियां सेकेंगे, रोड पर लेट जाएंगे तो इससे चुनाव में जो हार मिली है उस पर कोई लाभ नहीं मिलेगा। 1955 में आपकी ही (कांग्रेस) सरकार थी और आपने यही वनवासियों की जमीन बेच दी थी इसलिए इतने भू-माफिया पैदा हो गए हैं जिनका हम निस्तारण कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि आज ये रेकॉर्ड सामने आ रहे हैं। उस समय इतने आदिवासियों की जमीनें बेची गईं जिससे विवाद हो रहा है।

क्या था मामला
बता दें कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफिले को रोके जाने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के आईसीयू में इस हिंसा में घायल लोगों से मिलने के बाद जब प्रियंका ने सोनभद्र की ओर रुख किया तो उन्हें मिर्जापुर के नारायण पुर चौकी के पास रोका गया। काफिले को रोके जाने के बाद प्रियंका वहीं धरने पर बैठ गईं। बाद में उन्हें चुनाव गेस्ट हाउस ले जाया गया।

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