सोनभद्र कांड: पीड़ितों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी पुलिस हिरासत में

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 19-07-2019 / 1:43 PM
  • Update Date: 19-07-2019 / 1:43 PM

नई दिल्ली। सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफीले को रोक दिया गया है। प्रियंका गांधी के इस काफिले को नारायणपुर पुलिस स्टेशन के पास रोका गया। बता दें कि सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या के बाद प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए वहां जा रही थीं।

सोनभद्र में पीड़ित परिवारों से मिलने से रोके जाने पर नारायणपुर में धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी ने कहा कि हम बस पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं। मैं तो यहां तक कहा कि मेरे साथ सिर्फ 4 लोग होंगे। फिर भी प्रशासन हमें वहां जाने नहीं दे रहा है। उन्हें हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका जा रहा है। हम यहां शांति से बैठे रहेंगे।

झुकेंगे नहीं-

बाद में पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार हैं। लेकिन झुकेंगे नहीं।

तीन सदस्‍यीय जांच कमिटी बनाई-

वहीं, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया। सीएम ने कहा कि एक तीन सदस्‍यीय जांच कमिटी बनाई गई है जो 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्‍मेलन में कहा, सोनभद्र की घटना दुर्भाग्‍यपूर्ण है। 1955 से 1989 तक यह जमीन आदर्श सोसायटी के नाम पर थी। 1989 में यह जमीन एक व्‍यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया। आदर्श सोसायटी के नाम जमीन रहने पर भी यहां आदिवासी खेती करते थे और कुछ लगान सोसायटी को देते थे। जिन लोगों ने इस जमीन को अपने नाम किया था, वे इस जमीन पर कब्‍जा नहीं कर पाए।

कांग्रेस के शासनकाल में हड़पी गई जमीन-

उन्‍होंने कहा, ‘1989 में इसे दूसरे को बेच दिया। वनवासी इस जमीन पर खेती करते रहे। इस पूरे प्रकरण की तह में जाएं तो 1955 में कांग्रेस की सरकार के दौरान स्‍थानीय लोगों की जमीन को हड़पने के लिए ग्राम समाज की जमीन को आदर्श सोसायटी के नाम पर दिया गया। इस जमीन को बाद में 1989 में बिहार के एक आईएएस के नाम पर कर दिया जो गलत था। उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी।’

बता दें कि बुधवार को सोनभद्र जिले में भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसा में 10 लोगों की हत्या हो गई थी, जबकि 24 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक जमीन के टुकड़े को लेकर गुजर और गोंड समुदाय के बीच विवाद हुआ। पुलिस ने इस सामूहिक हत्याकांड के मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।इस मामले में 78 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 50 अज्ञात हैं।

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