राज्यसभा में हुए हंगामे को लेकर बोले रविशंकर प्रसाद- संसद के लिए यह एक शर्मनाक दिन था…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 21-09-2020 / 8:30 PM
  • Update Date: 21-09-2020 / 8:30 PM

नई दिल्ली। राज्यसभा में हुए विपक्ष के हंगामे के दौरान राज्यसभा उपसभापति का अनादर भी किया गया। वहीं अब केंद्र सरकार की ओर से तीन मंत्रियों ने राज्यसभा उपसभापति के साथ हुई घटना को लेकर और संसद के मानसून सत्र में कैबिनेट के फैसले को लेकर मोदी सरकार में सूचना-प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और रेल मंत्री पीयूष गोयल प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत रवि शंकर प्रसाद ने की।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह संसद के लिए एक शर्मनाक दिन था। माइक टूट गया, तार टूट गया, नियम पुस्तिका फाड़ दी गई। अगर मार्शल नहीं आते तो उपसभापति पर शारीरिक हमला भी हो सकता था। प्रसाद ने कहा कि अगर उनको वोट देना था तो उनको सीट पर जाना चाहिए था। 13 बार उपसभापति ने सांसदों को वापस सीट पर जाने के लिए अनुरोध किया था।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने पहले कभी ऐसी हरकत नहीं देखी। वहीं नियम 256 के खंड तीन में किसी सदस्य को निलंबित करने को लेकर कहा गया है कि कोई बहस नहीं होगी और सांसद को सदन से बाहर सदन के नियमों के अनुसार जाना होगा। मर्यादा के नियमों का पालन नहीं करते और वे लोकतंत्र की बात करते हैं। राज्यसभा में हमारे पास स्पष्ट बहुमत था। 110 सांसद हमारे साथ थे. वहीं 72 विरोध में थे।

Share This Article On :

BIG NEWS IN BRIEF