ओशो के अनमोल वचन

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 05-06-2018 / 8:15 AM
  • Update Date: 05-06-2018 / 8:15 AM

आप चाहो उतने अधिक से अधिक लोगों से प्यार कर सकते हो इसका मतलब यह नहीं कि आप एक दिन दिवालिया हो जाओगे, और आपको घोषणा करनी पड़ेगी कि, अब मेरे पास कोई प्यार नहीं है। जहां तक प्यार का मामला है आप दिवालिया नहीं निकलेगा – ओशो

– जीवन आंख मूंदकर खुद को दोहराता है। जब तक आप इसके प्रति जागरूक नहीं हो जाते हैं, यह एक चक्र की तरह दोहराता रहेगा।

– अच्छा-बुरा, कड़वा-मीठा, अंधेरा-प्रकाश, गर्मी-सर्दी सभी संभव तरीके से जीवन का अनुभव होता है। सभी द्वंद्वों का अनुभव होता है। अनुभव से डरो मत, क्योंकि आपको अधिक अनुभव होने से आपकी परिपक्वता बढ़ेगी।

– जब अपका प्यार सिर्फ दूसरे को पाने की इच्छा नहीं है, जब आपका प्यार केवल एक जरुरत नहीं है, जब अपका प्यार साझा है, जब आपका प्यार एक भिखारी का न होकर एक सम्राट का है, जब अपका प्यार बदले में कुछ मांगता नहीं बल्कि केवल देने को तैयार है। विशुद्ध रूप से देने की ख़ुशी के लिए देने को तब इसके साथ ध्यान को जोड़ो और ताकि इससे शुद्ध खुशबू स्रावित होगी। यही कृपा है। कृपा ही उच्चतम कोटि की अदभुत चीज है।

– याद रहे दर्द आपको दुख देने के लिए नहीं है। लोग यहीं भूल करते हैं …यह दर्द सिर्फ आपको और अधिक सतर्क करता है। क्योंकि लोग केवल तब सतर्क होते हैं जब तीर उनके दिल में गहरा चला जाता है और उन्हें आघात पहुंचता है।

– अतीत खत्म हो चुका है और भविष्य अभी तक नहीं आया है। दोनों अनावश्यक रूप से घुमते रहते हैं जिनकी कोई दिशा नहीं होती है। एक वर्त्तमान ही कुछ करने के लिए सामने रहता है, लेकिन वो लम्बा नहीं टिकता है, और कोई तो जीने शुरूआत भी नहीं कर पाता है। सही व्यक्ति केवल वो है जो पल-पल को जीता है।

– एक बार आप जीवन की सुंदरता को देखना शुरू देंगे, तो कुरूपता गायब होना शुरू जाती है। आप खुशी के साथ जीवन को देखना शुरू करते हैं, तो उदासी गायब होना शुरू हो जाती है। आप एक साथ स्वर्ग और नरक में दोनों में साथ नहीं रह सकते हैं, आप केवल एक में ही रह सकते हैं। जो आपकी पसंद है।

– आप अपने जीवन की पकड़ हाथों ले। पूरा ब्रह्माण्ड झूमता दिखेगा। ये पेड़ गंभीर नहीं हैं, ये पक्षी गंभीर नहीं हैं। नदियां और महासागर जंगली हैं, और हर जगह मोजमस्ती है, हर जगह खुशी और आन्नद की बात है। ब्रह्माण्ड को देखो, ब्रह्माण्ड को सुनो और इसका हिस्सा बन जाओ।
– प्यार में पड़ने से आप एक बच्चे की तरह रहेंगे। प्यार में बढ़ोतरी से आप परिपक्व होते हैं। प्यार से तुरंत कोई रिश्ता नहीं बन जाता है, इससे आपकी हस्ती बनती है। फिर आप प्यार में नहीं हैं बल्कि- अब आप खुद ही प्यार हैं।

– कुछ बनने का विचार छोड़ दें, क्योंकि आप पहले से ही एक अत्युत्तम कृति हैं। आप में सुधार नहीं किया जा सकता है। आपको केवल अपनी कृति पर आना होगा, इसे जानना होगा, इसे साकार करना होगा।

– किसी में भी दो कदम एक साथ भरने की शक्ति नहीं है। आप एक समय में केवल एक कदम ही भर सकते हैं।

– लोग बहुत कम जानते हैं, पर अड़ जाते हैं कि वे सब कुछ जानते हैं।

– मेरा ध्यान सरल है। इसमें किसी भी जटिल अभ्यास की आवश्यकता नहीं है. यह सरल है. यह गाना है। यह नाच है।  यह चुपचाप बैठना है।

– रचनात्मकता सत्ता(अस्तित्व) में सबसे बड़ा विप्लव है।

– आप एक माता पिता हैं, बच्चे के लिए अज्ञात दिशाओं में दरवाजे खुले रखें ताकि वह खोज कर सके. अज्ञात का उसे डर मत बताओ, उसे समर्थन दो।

– मैत्री विशुद्ध प्रेम है। यह प्रेम की उच्चतम कोटि का रूप है जहाँ कुछ भी माँग नहीं होती है, न कोई शर्त होती है, वहां मात्र एक आनंद का ही वास होता है।

– बहुत लर्निंग(सीखने) कोई मसला नहीं है। इसके विपरीत। महत्वपूर्ण मसला बहुत अनालर्निंग(unlearning) का है।

– लाखों लोग पीड़ित हैं। वे प्यार पाना चाहते हैं, लेकिन वे प्यार करना नहीं जानते है। और प्रेम एकालाप के रूप में अस्तित्व में नहीं आ सकता है; यह एक संवाद है, एक बहुत ही सौहार्दपूर्ण बातचीत है।

– सच्चाई कोई बाहर खोजने की चीज नहीं है, यह अंदर महसूस करने की चीज है।

– अगर आप सच्चाई देखना चाहते हैं, तो किसी के पक्ष या विपक्ष में कोई राय न बनाएं।

– प्रत्येक व्यक्ति एक विशिष्ट भाग्य के साथ इस दुनिया में आता है। उसके पास जो कुछ है उसे परिपूर्ण करना पड़ता है, कुछ संदेश दुनिया को देना होता है। कुछ कार्य जिन्हें पूरा करना पड़ता है। आप यहां संयोगवश नहीं हो। आपकी यहां सार्थकता है. आप के पीछे एक उद्देश्य है। सृष्टि आपके माध्यम से कुछ कराना चाहती है।

– यहां आपका सपना पूरा करने के लिए कोई भी नहीं है। यहां हर कोई अपने भाग्य व अपनी वास्तविकता को पूर्ण करने के निमित है।

– साहस अज्ञात के साथ प्रेम संबंध है।

– किसी के साथ, किसी भी प्रतियोगिता की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने आप से हैं, और आप जैसे हैं, आप पूर्ण रूप से अच्छे हैं। अपने आप को स्वीकार करो।

– कोई भगवान अस्तित्व में नहीं है। जो अस्तित्व है वो भक्ति है, और भक्ति आपको चारों ओर से घेरे हुए है। हम सब एक ही सागर में हैं।

– हर चीज को जज करते वक्त आंतरिक भावना के आनंद का हमेशा ख्याल रखें।
– जीवन ठहराव और हलचल के बीच एक संतुलन है।

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