राजस्थान में सियासी संकट: सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-07-2020 / 1:15 PM
  • Update Date: 12-07-2020 / 1:15 PM

नई दिल्ली। राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर संकट के बाद गहराने लगे हैं। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने पार्टी प्रमुख से मिलने के लिए समय मांगा है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से रविवार को मिली है। सूत्रों ने बताया कि पायलट के खेमे के करीब एक दर्जन विधायक एनसीआर-दिल्ली क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ठहरे हुए हैं। पायलट शनिवार को दिल्ली आए थे।

सूत्रों के अनुसार, पायलट खेमे के सदस्य माने जाने वाले विधायक पी. आर. मीणा ने राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार द्वारा उनसे किए जाने वाले सौतेले व्यवहार से सोनिया गांधी को अवगत कराने के लिए उनसे मिलने की मांग की थी। इसी बीच मुख्यमंत्री गहलोत ने शनिवार देर रात जयपुर में अपने आधिकारिक आवास पर अपने मंत्रियों की बैठक बुलाई और सभी पार्टी विधायकों को उन्हें समर्थन पत्र देने को कहा। इस कार्य के लिए वरिष्ठ मंत्रियों को चुना गया है।

हालांकि पायलट खेमे के मंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। दरअसल सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत दिखाने के लिए शनिवार रात 8:30 बजे कैबिनेट मंत्रियों की बैठक बुलाई। लगभग 2 घंटे चली इस बैठक में राजस्थान सरकार के डिप्टी सीएम सचिन पायलट मौजूद नहीं थे। क्योंकि वो दिल्ली में थे। मीटिंग के जरिए अशोक गहलोत ने सरकार पर अपनी पकड़ दिखानी चाही, लेकिन सचिन पायलट की गैरहाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए।

इस बीच शनिवार को जब सीएम अशोक गहलोत से पूछा गया कि क्या राजस्थान कांग्रेस में किसी तरह का टकराव है तो उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री कौन नहीं बनना चाहता है। हमारे यहां 5 से 7 लोग सीएम पद के दावेदार होंगे। लेकिन जब कोई एक CM बन जाता है तो बाकी उसके साथ हो जाते हैं। हमारे यहां तो कोई विवाद ही नहीं है। हमारे यहां घोर शांति है।

दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस ने सचिन पायलट को आगे करके 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया, जिसके बाद से ही राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी रहा। सचिन पायलट इसीलिए भी नाराज हैं, क्योंकि उन्हें अपने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पद के जाने का डर है। सचिन 2014 से ही राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।

अब सचिन को लग रहा है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी चल रही है। अशोक गहलोत भी इसी बहाने सचिन को किनारे लगाना चाहते हैं। जिसके बाद उन्होंने पार्टी के आला नेताओं को अपनी नाराजगी का अहसास भी करवाया है। सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि कांग्रेस आलाकमान सचिन को अध्यक्ष पद पर बनाए रहने के लिए तैयार नहीं है।

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