पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों संग की बैठक, कहा- वैक्सीन को लेकर अफवाहों पर लगाम लगाना राज्यों की जिम्मेदारी

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 11-01-2021 / 6:24 PM
  • Update Date: 11-01-2021 / 6:24 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत से पहले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। पीएम मोदी ने उनके साथ संवाद में कहा कि हमारा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। ये चरण है वैक्सीनेशन का। 16 जनवरी से हम दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर रहे हैं।

इस अभियान को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगेगी। इसके बाद सफाई कर्मियों को टीका लगेगा। इसके बाद पुलिसकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सुरक्षा बल के जवानों को कोरोना का वैक्सीनेशन होगा। दूसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के लोगों और जो लोग संक्रमण के लिए ज्यादा संवेदनशील हैं, उन्हें टीका लगेगा।

बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों से पीएम मोदी ने कहा कि, कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रही अफवाहों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी राज्यों की है। कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के आधार पर हम काम करते रहेंगे, हम उसी दिशा में चले हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि सभी राज्यों से सलाह करके वैक्सीनेशन की प्राथमिकता तय हुई है। दोनों वैक्सीन दुनिया के दुसरे वैक्सीन के मुकाबले सस्ती है। भारत की जरूरत के हिसाब से दोनों वैक्सीन बनाई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि चार और वैक्सीन पर देश में काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि, हमारी कोशिश सबसे पहले उन लोगों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने की है, जो देशवासियों की स्वास्थ्य सेवाओं में लगे हुए हैं। इसके साथ-साथ जो दूसरे फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं उन्हें भी पहले चरणों में टीका लगाया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि, भारत के लिए गौरव की बात है कि जिन दो वैक्सीन को इमरजेंसी यूज को लेकर मंजूरी मिली है, वो दोनों ही मेड इन इंडिया हैं। भारत को टीकाकरण का जो अनुभव है, जो दूर-सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचने की व्यवस्थाएं हैं वो कोरोना टीकाकरण में बहुत काम आने वाली हैं।

बता दें कि इससे पहले रविवार को केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच कोरोना वैक्सीनेशन के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में केंद्र सरकार के अधिकारियों ने राज्यों को वैक्सीनेशन की प्रक्रिया की बारीकियों के बारे में समझाया और इसमें मुख्य जोर को-विन नामक सोफ्टवेयर के इस्तेमाल पर रहा। बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने वैक्सीनेशन के दौरान फर्जीवाड़ा और प्रॉक्सी रोकने के लिए आधार कार्ड के उपयोग की बात भी कही।

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