पीएम मोदी ने की दुनिया के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 16-01-2021 / 3:25 PM
  • Update Date: 16-01-2021 / 3:25 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत में कोरोना के खिलाफ विश्‍व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी है। टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश को इस पल का बेसब्री से इंतजार था। कोरोना की वैक्सीन बहुत ही कम समय में आ गई है। उन्होंने कहा कि कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सबकी जुबान पर ये ही सवाल था कि कोरोना की वैक्सीन कब आएगी। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है।

पीएम मोदी ने इसके लिए देशवासियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पक्तियां ‘मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है’ का भी जिक्र किया। पीएम मोदी के संबोधन को सभी वैक्सीनेशन सेंटर्स से कनेक्ट किया गया। केंद्र सरकार के मुताबिक, पहले दिन कुल 3006 वैक्‍सीनेशन सेंटर्स पर तीन लाख से ज्‍यादा हेल्‍थ वर्कर्स को पहली डोज दी जानी है। पीएम मोदी कोरोना काल के उन मुश्किल दिनों को याद कर सुबक पड़े।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस महामारी से जिस प्रकार से मुकाबला किया उसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। केंद्र और राज्य सरकारें, स्थानीय निकाय, हर सरकारी संस्थान, सामाजिक संस्थाएं, कैसे एकजुट होकर बेहतर काम कर सकते हैं, ये उदाहरण भी भारत ने दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा कि एक देश में जब भारतीयों को टेस्ट करने के लिए मशीनें कम पड़ रहीं थीं तो भारत ने पूरी लैब भेज दी थी ताकि वहां से भारत आ रहे लोगों को टेस्टिंग की दिक्कत ना हो।

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब कुछ देशों ने अपने नागरिकों को चीन में बढ़ते कोरोना के बीच छोड़ दिया था, तब भारत चीन में फंसे हर भारतीय को वापस लेकर आया और सिर्फ भारत के ही नहीं, हम कई दूसरे देशों के नागरिकों को भी वहां से वापस निकालकर लाए।

पीएम ने कहा कि भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है। जिसे सबसे ज्यादा जरूरी है, उसे सबसे पहले कोरोना वैक्सीन लगेगी। कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है। पहली और दूसरी डोज के बीच लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज़ लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी शक्ति विकसित हो पाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।

पीएम मोदी ने वैक्सीन को लेकर देशवासियों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के वैज्ञानिकों और वैक्सीन से जुड़ी विशेषज्ञता पर पूरी दुनिया को भरोसा है। उन्होंने कहा कि भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीनों की तुलना में बहुत सस्ती है। इनका उपयोग भी बहुत आसान है। पीएम ने कहा कि विदेश में ऐसी वैक्सीन है जिनकी कीमत 5000 रुपये तक है।

पीएम मोदी ने कहा कि आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन इतने कम समय में एक नहीं दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। कई और वैक्सीन पर भी तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भारत के सामर्थ्य, वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट का जीता-जागता सबूत है।

सरकार के मुताबिक, सबसे पहले एक करोड़ हेल्थवर्कर्स, दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स फिर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी। बाद के चरण में गंभीर रूप से बीमार 50 साल से कम उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन होगा। हेल्थवर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स पर वैक्सीनेशन का खर्च सरकार उठाएगी।

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