‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खुल गया, हमें और सावधानी रखने की जरूरत

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 31-05-2020 / 4:55 PM
  • Update Date: 31-05-2020 / 4:55 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई को ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में एक बार फिर से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खुल गया है, ऐसे में और सावधानी रखने की जरूरत है। दो गज की दूरी, मास्क लगाना, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, हमारे देश की आबादी कई देशों से ज्यादा है, इसलिए चुनौतियां भी ज्यादा हैं, लेकिन हमारे यहां काफी कम नुकसान हुआ है। जो कुछ हम बचा पाएं हैं, वो सामूहिक कोशिश से हुआ है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 29 मार्च और फिर 26 अप्रैल को ‘मन की बात’ की थी।

उन्होंने कहा कि कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कोरोना महामारी के असर से प्रभावित नहीं हुआ है। गरीबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। कौन ऐसा होगा जो उनकी तकलीफ नहीं समझेगा। पूरा देश उन्हें समझने में लगा है। हर विभाग के कर्मचारी उनके लिए जुटे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, रेलवे के कर्मचारी कोरोना वॉरियर्स ही हैं। मजदूरों को भेजने, खाने-पीने, टेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है। मजदूर अपने गांव की तरफ जा रहे हैं। मेरा मानना है कि गांवों में नवोद्योगों की कई संभावनाएं खुली हैं। हमारे गांव, जिले, राज्य आत्मनिर्भर होते तो समस्या इस रूप में नहीं आई होती जो आज हमारे सामने खड़ी है।

पीएम मोदी ने कहा, आयुष्मान भारत योजना के 1 करोड़ लाभार्थियों में से करीब 80 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण इलाके के हैं। इसमें से भी करीब 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं-बेटियां हैं। इन लाभार्थियों में ज्यादातर ऐसी बीमारी से पीड़ित थे जिनका इलाज सामान्य दवाओं से संभव नहीं था।”

आयुष्मान भारत योजना के साथ एक बड़ी विशेषता portability की सुविधा भी है। Portability ने, देश को, एकता के रंग में रंगने में भी मदद की है,यानी बिहार का कोई गरीब अगर चाहे तो, उसे कर्नाटक में भी वही सुविधा मिलेगी, जो उसे अपने राज्य में मिलती।

‘आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के पैसे खर्च होने से बचाए हैं। मैं आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों के साथ-साथ मरीजों का उपचार करने वाले सभी डॉक्टरों-नर्सों और मेडिकल स्टाफ को बधाई देता हूं।

हमारे देश में करोड़ों-करोड़ गरीब, दशकों से एक बहुत बड़ी चिंता में रहते आए हैं- अगर बीमार पड़ गए तो क्या होगा? इस चिंता को दूर करने के लिए ही करीब डेढ़ साल पहले ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू की गई थी। कुछ ही दिन पहले ‘आयुष्मान भारत’ के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई है।

इसमें हिस्सा लेने के लिए आपको अपना तीन मिनट का एक वीडियो बना करके upload करना होगा। इस video में आप, जो योग, या आसन करते हों, वो करते हुए दिखाना है और योग से आपके जीवन में जो बदलाव आया है, उसके वारे में भी बताना है।

आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है। आयुष मंत्रालय ने ‘My Life, My Yoga’ नाम से अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग उसकी प्रतियोगिता शुरू कीक है। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।

कोरोना संकट के इस समय में योग आज इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि ये वायरस, हमारे respiratory system को सबसे अधिक प्रभावित करता है। योग में तो respiratory system को मजबूत करने वाले कई तरह के प्राणायाम हैं, जिनका असर हम लंबे समय से देखते आ रहे हैं।

हम सबको ध्यान रखना होगा कि कितनी तपस्या के बाद देश पटरी पर लौटा है। आपको, आपके परिवार को कोरोना से उतना ही खतरा हो सकता है। दो गज की दूरी, मास्क, हाथ धोने का उसी तरह पालन करते रहें। विश्वास है कि आप, अपनों और देश के लिए ये सावधानियां जरूर रखेंगे।

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