मन की बात में बोले पीएम मोदी- त्योहारों को संयम से मनाएं, एक दीया जवानों के लिए भी जलाएं

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 25-10-2020 / 6:44 PM
  • Update Date: 25-10-2020 / 6:44 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया। यह पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 70वां संस्करण था। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हैं। आज भी उन्होंने देश को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए त्योहारों से लेकर देश की एकता तक का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में आगे भी कई त्योहार आने वाले हैं। इस दौरान भी हमें संयम से रहना है। बाजार में जब कुछ खरीदारी करने जाएं तो स्थानीय चीजों का ध्यान रखें।

पीएम मोदी ने कहा कि आज सभी मर्यादा में रहकर पर्व मना रहे हैं। पहले दुर्गा पंडालों में भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। पहले दशहरे पर भी मेले लगते थे, इस बार उनका स्वरूप अलग है। रामलीला पर भी पाबंदियां लगी हैं। गुजरात में गरबा की धूम होती थी। आगे और भी पर्व आएंगे। ईद, शरद पूर्णिमा, वाल्मीकि जयंती, दीवाली छठ पर भी हमें संयम से काम लेना है।

पीएम मोदी ने कहा जब हम त्योहार की तैयारी करते हैं, तो बाजार जाना सबसे प्रमुख होता है। इस बार बाजार जाते वक्त लोकल फॉर वोकल का संकल्प याद रखें। स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। हमने सफाईकर्मी, दूध वाले, गार्ड इन सबकी हमारे जीवन में भूमिका महसूस की है। कठिन समय में ये साथ रहे। अपने पर्वों में इन्हें साथ रखना है। सैनिकों का भी ध्यान रखें, उनके सम्मान में एक दीया जलाएं। पूरा देश वीर जवानों के परिवार के साथ है। हर व्यक्ति जो परिवार से दूर है, उसका आभारी हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज खादी फैशन स्टेटमेंट बन रही है। खादी की लोकप्रियता तो बढ़ ही रही है, साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है। मेक्सिको में एक जगह है ‘ओहाका’। इस इलाके में कई गांव ऐसे है, जहां स्थानीय ग्रामीण, खादी बुनने का काम करते हैं। आज, यहां की खादी ‘ओहाका खादी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है।

पीएम मोदी ने बताया कि ओहाका में खादी कैसे पहुंची ये भी कम रोचक नहीं है। दरअसल, मेक्सिको के एक युवा मार्क ब्राउन ने एक बार महात्मा गांधी पर एक फिल्म देखी। ये फिल्म देखकर बापू से इतना प्रभावित हुए कि वो भारत में बापू के आश्रम आये और बापू के बारे में और गहराई से जाना-समझा। तब उनको एहसास हुआ कि खादी केवल एक कपड़ा ही नहीं है बल्कि ये तो एक पूरी जीवन पद्धति है। यहीं से ब्राउन ने ठाना कि वो मेक्सिको में जाकर खादी का काम शुरू करेंगे। उन्होंने, मेक्सिको के ओहाका में ग्रामीणों को खादी का काम सिखाया, उन्हें प्रशिक्षित किया और आज ‘ओहाका खादी’ एक ब्रांड बन गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की वेबसाइट में मार्क ब्राउन का बहुत ही दिलचस्प इंटरव्यू भी मिलेगा। वे बताते हैं कि शुरू में लोग खादी को लेकर संदेह में थे, परन्तु, आखिरकार, इसमें लोगों की दिलचस्पी बढ़ी और इसका बाजार तैयार हो गया। ये कहते हैं, ये राम-राज्य से जुड़ी बातें हैं जब आप लोगों की जरूरतों को पूरा करते है तो फिर लोग भी आपसे जुड़ने चले आते हैं। दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई।

पीएम मोदी ने कहा कि जब हमें अपनी चीजों पर गर्व होता है, तो दुनिया में भी उनके प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। जैसे हमारे आध्यात्म ने, योग ने, आयुर्वेद ने, पूरी दुनिया को आकर्षित किया है। हमारे कई खेल भी दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। आजकल, हमारा मलखम्ब भी, अनेकों देशों में प्रचलित हो रहा है। अमेरिका में चिन्मय पाटणकर और प्रज्ञा पाटणकर ने जब अपने घर से ही मलखम्ब सिखाना शुरू किया था, तो, उन्हें भी अंदाजा नहीं था, कि इसे इतनी सफलता मिलेगी। अमेरिका में आज, कई स्थानों पर, मलखम्ब ट्रेनिंग सेंटर्स चल रहे हैं।

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