दांडी यात्रा की 89वीं वर्षगांठ पर बोले पीएम मोदी- कांग्रेस गांधी जी के सिद्धांतों के एकदम विपरीत है

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-03-2019 / 2:51 PM
  • Update Date: 12-03-2019 / 2:51 PM

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रधानमंत्री के घरेलू मैदान से कांग्रेस के चुनाव अभियान शुरू करने के दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग के जरिए देश को बताया कि महात्मा गांधी कांग्रेस को स्वतंत्रता के तत्काल बाद ही भंग करना चाहते थे। गांधी जी और 80 सत्याग्रहियों द्वारा द्वारा 1930 में आज ही के दिन शुरू की गई दांडी यात्रा की 89वीं वर्षगांठ के अवसर पर मोदी ने कहा कि कांग्रेस गांधी जी के सिद्धांतों के एकदम विपरीत है।

गुजरात में साबरमती आश्रम से समुद्र तटीय गांव दांडी तक पैदल मार्च कर ‘मुट्ठी भर नमक से ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख देने वाले’ गांधी जी का अभिवादन करते हुए मोदी ने कहा, “यद्यपि दांडी मार्च अनैतिक नमक कानून के खिलाफ शुरू किया गया था, लेकिन इससे ब्रिटिश सरकार की जड़ें हिल गईं और यह अन्याय और असमानता के खिलाफ लड़ाई का सबसे बड़ी प्रतीक बन गया।

अपने ब्लॉग पर मोदी ने अपने पाठकों से पूछा, “क्या आपको पता है कि दांडी यात्रा की योजना बनाने में मुख्य भूमिका किसकी थी? उन्होंने कहा, वह महान सरदार पटेल थे जिन्होंने 390 किलोमीटर लंबी दांडी यात्रा के प्रत्येक मिनट की योजना बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, गांधी जी ने अपने कई कार्यो के माध्यम से बताया कि वे असमानता और जातिगत भेदभाव पर विश्वास नहीं करते। दुखद है कि कांग्रेस ने समाज को बांटने में कभी संकोच नहीं किया।

मोदी ने गांधी जी के विचारों और कांग्रेस की संस्कृति के विरोधाभासी बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, सबसे भयानक जातिगत दंगे और दलित-विरोधी नरसंहार कांग्रेस के शासन में हुए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी कांग्रेस की संस्कृति को बहुत अच्छे से समझते थे, और इसीलिए वे कांग्रेस को भंग करना चाहते थे, विशेष रूप से 1947 के बाद।

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