पीएम मोदी ने बिहार में तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं का किया उद्घाटन

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 13-09-2020 / 7:16 PM
  • Update Date: 13-09-2020 / 7:16 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बिहार में एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के एक खंड और दो बॉटलिंग संयंत्रों का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड और बांका और चंपारण जिले में दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब देश और बिहार उस दौर से बाहर निकल रहा है जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी पीढ़ी उसे पूरा होते हुए। नए भारत, नए बिहार की इसी पहचान, इसी कार्य संस्कृति को हमें और मजबूत करना है और निश्चित तौर पर इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी बहुत बड़ी भूमिका है।

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लिए जो प्रधानमंत्री पैकेज दिया गया था, उसमें पेट्रोलियम और गैस से जुड़े 10 बड़े प्रोजेक्ट थे, इन पर करीब 21,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। आज ये 7वां प्रोजेक्ट है जिस पर काम पूरा हो चुका है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी होती थी। एक एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। जिसके घर गैस होती थी, वो माना जाता था कि बहुत बड़े घर-परिवार से है। जो समाज में हाशिए पर थे, पीड़ित थे, वंचित थे, पिछड़े थे, अतिपिछड़े थे, उन्हें कोई पूछता नहीं था, उनके दुख, उनकी तकलीफों को देखकर भी नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन बिहार में अब ये अवधारणा बदल चुकी है।

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार सहित पूर्वी भारत में ना तो सामर्थ्य की कमी है और ना ही प्रकृति ने यहां संसाधनों की कमी रखी है, बावजूद इसके बिहार और पूर्वी भारत विकास के मामले में दशकों तक पीछे ही रहा। इसकी बहुत सारी वजहें राजनीतिक थीं, आर्थिक थीं, प्राथमिकताओं की थीं।

पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में बिजली की क्या स्थिति थी, ये भी जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि गांवों में दो-तीन घंटे बिजली आ गई तो भी बहुत माना जाता था। शहर में रहने वाले लोगों को भी 8-10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती थी।

इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा निर्मित 193 किलोमीटर की दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने 17 फरवरी, 2019 को इसका शिलान्यास किया था।

दुर्गापुर-बांका खंड मौजूदा 679 किलोमीटर की पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन का बांका में नई एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र तक विस्तार है। यह पाइपलाइन पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा बिहार से गुजरती है। अभी इस लाइन में एलपीजी को आईओसी की पारादीप और हल्दिया रिफाइनरी की पाइपलाइन में डाला जाता है। इस पूरी परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह सुविधा पारादीप आयात टर्मिनल तथा बरौनी रिफाइनरी से भी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा पीएम मोदी ने आईओसी के बांका के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस परियोजना से बिहार व झारखंड की रसोई गैस की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस बॉटलिंग संयंत्र का निर्माण 131.75 करोड़ रुपये के निवेश से किया गया है। यह संयंत्र बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के अलावा झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज तथा पाकुड़ जिलों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

साथ ही मोदी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि में 1,20,000 टन सालाना क्षमता के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र का भी उद्घाटन किया। इसका निर्माण 136.4 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास 10 अप्रैल, 2018 को किया था।

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