पीएम मोदी ने बिहार को दी 14 हजार करोड़ रुपये की सौगात

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 21-09-2020 / 7:26 PM
  • Update Date: 21-09-2020 / 7:26 PM

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को सौगात मिलने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार को करीब 14 हजार करोड़ रुपये की सौगात दी। पीएम मोदी ने प्रदेश में तीन 4 लेन समानांतर पुल और चार सड़कों का ऑनलाइन शिलान्यास किया है।

शिलान्यास होने वाली योजनाओं में तीन महासेतु में एक गांधी सेतु, दूसरा विक्रमशिला सेतु के समानांतर और तीसरा फुलौत का चार लेन का पुल शामिल हैं। जबकि चार सड़कों में आरा-मोहनिया, रजौली-बख्तियारपुर, नरेनपुर-पूर्णिया व कन्हौली-रामनगर शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के 45 हजार 945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का भी उद्घाटन किया। राज्य में अक्टूबर-नवम्बर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पीएम मोदी ने 2926.42 करोड़ की लागत से गांधी सेतु के समानांतर 14.5 किमी चार लेन पुल, 1110.23 करोड़ की लागत से विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.455 किमी लंबे चार लेन पुल और 1478.40 करोड़ की लागत से फुलौत में 28.93 किमी लंबे चार लेन पुल का पहुंच पथ के साथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया है। इसके अलावा 2288 करोड़ की लागत से 49 किमी लंबी नरेनपुर-पूर्णिया 4 लेन सड़क, 1149.55 करोड़ की लागत से एनएच 31 के 47.23 किमी लंबी बख्तियारपुर-रजौली खंड का दो पैकेज में 4 लेन चौड़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन योजनाओं के लिए पीएम मोदी का आभार प्रकट किया। नीतीश कुमार ने कृषि बिल को लेकर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि रविवार को राज्यसभा में जो हुआ वह गलत है। ये विधेयक किसानों के हित है। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में एपीएमसी एक्ट हटाते वक्त बिहार विधानमंडल में भी विपक्ष ने खुब हंगामा किया था। विपक्ष के लोग सदन छोड़कर भाग गए थे, लेकिन हम कानून लेकर आए। अब इस कानून को देश स्तर पर बनाया जा रहा है।

डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि राज्य में सबसे अधिक सड़क निर्माण पर खर्च किया जा रहा है। आज की योजनाओं में भी इसी पैकेज का पैसा खर्च किया जा रहा है। आने वाले दिनों में गंगा पर 17 पुल देखने को मिलेंगे। कोसी नदी पर 53 साल में केवल एक पुल बना।

राज्य के सभी 45 हजार 945 गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा

ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा की विस्तृत् जानकारी देते हुए पीएमओ ने इसे प्रतिष्ठित परियोजना बताया, जिसके तहत राज्य के सभी 45 हजार 945 गांवों को जोड़ा जाएगा। इससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में ‘डिजिटल क्रांति’ आएगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन संचार विभाग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के संयुक्त प्रयासों से किया जाएगा।

पीएमओ ने कहा कि सीएससी के बिहार भर में 34 हजार 821 केंद्र हैं और वह अपने कार्यबल का इस्तेमाल इस परियोजना में करेगा। इस परियोजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे सरकारी संस्थानों में एक वाई-फाई और पांच मुफ्त कनेक्शन की सुविधा प्रदान होगी। इस परियोजना से लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

Share This Article On :

BIG NEWS IN BRIEF