नमामि देवी नर्मदे महोत्सव में शामिल हुए पीएम मोदी, कहा- पर्यावरण के साथ विकास संभव

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 17-09-2019 / 2:34 PM
  • Update Date: 17-09-2019 / 2:34 PM

केवडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 69 साल के हो गए हैं। अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी अपने गृह राज्य गुजरात में हैं, जहां पर वह अपनी मां हीरा बा का आशीर्वाद लेंगे। जन्मदिन के मौके पर पीएम मोदी यहां एक जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 के फैसले का जिक्रकर कहा है कि आजादी के दौरान जो काम अधूरे रह गए थे, उनको पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

अपने 69वें जन्मदिन पर सरदार सरोवर बांध के किनारे नर्मदा महोत्सव में शामिल हुए पीएम ने आज एक जनसभा में हैदराबाद मुक्ति दिवस और सरदार पटेल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, अगर सरदार पटेल की वो दूरदर्शिता ना रहती तो आज भारत का नक्शा कैसा होता और भारत की समस्याएं कितनी अधिक होतीं।

पीएम ने कहा कि सरदार साहब की प्रेरणा से एक महत्वपूर्ण फैसला देश ने लिया है। दशकों पुरानी समस्या के समाधान के लिए नए रास्ते पर चलने का निर्णय लिया गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू कश्मीर, लद्दाख और करगिल के लाखों साथियों के सक्रिय सहयोग से हम विकास और विश्वास की नई धारा बहाने में सफल होंगे। पीएम ने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सरदार के सपने को आज देश साकार होते हुए देख रहा है।

नर्मदा जिले के केवडिया में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के दौरान जो काम अधूरे रह गए थे, उनको पूरा करने का प्रयास आज देश कर रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को 70 साल तक भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इसका दुष्परिणाम, हिंसा और अलगाव के रूप में, अधूरी आशाओं और आकांक्षाओं के रूप में पूरे देश ने भुगता है।

पीएम ने कहा कि 17 सितंबर का दिन सरदार साहब और भारत की एकता के लिए किए गए उनके प्रयासों का स्वर्णिम पृष्ठ है। मोदी ने कहा कि आज हैदराबाद मुक्ति दिवस भी है। आज के ही दिन 1948 में हैदराबाद का विलय भारत में हुआ था और आज हैदराबाद देश की उन्नति और प्रगति में पूरी मजबूती से योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, अगर सरदार पटेल की वो दूरदर्शिता तब ना रहती तो आज भारत का नक्शा कैसा होता और भारत की समस्याएं कितनी अधिक होतीं।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुजरात ही नहीं मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसानों और जनता को सरदार सरोवर योजना का लाभ मिल रहा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हमेशा माना गया है कि पर्यावरण की रक्षा करते हुए भी विकास हो सकता है। प्रकृति हमारे लिए आराध्य, हमारा गहना है। पर्यावरण को संरक्षित करते हुए कैसे विकास किया जा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण केवडिया में देखने को मिल रहा है।

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