रेल होटल घोटाला: सीबीआई ने लालू-तेजस्वी यादव को भेजा नोटिस

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 07-09-2017 / 12:47 PM
  • Update Date: 07-09-2017 / 12:47 PM

पटना। सीबीआई ने आईआरसीटीसी होटल घोटाले में लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी को समन भेजा है। सीबीआई ने लालू यादव को 11 सितंबर और उनके बेटे तेजस्वी को 12 सितंबर को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।

यह है आरोप
यह पहला मौका होगा जब तेजस्वी यादव से सीबीआई अधिकारी पूछताछ करेंगे। लालू और तेजस्वी पर रेलवे के होटल के बदले पटना के बेली रोड पर दो एकड़ जमीन अपने नाम लिखवाने का आरोप है।

घोटाले ने तोड़ा महागठबंधन
इस मामले में सीबीआई ने 9 जुलाई को उनके पटना में स्थित घर पर छापेमारी भी की थी। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी से डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा देने की मांग की थी। इस पर लालू यादव और तेजस्वी यादव ने पद त्यागने से मना कर दिया था। बाद में नीतीश कुमार ने खुद इस्तीफा दे देकर महगठबंधन खत्म कर दिया और बीजेपी के साथ सरकार बना ली।

क्या है मामला
यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री के कार्यकाल का है। तब रेलवे के पुरी और रांची के दो होटल पटना के चाणक्य ग्रुप को दिए गए थे। इससे पूर्व इन होटलों के मालिकों की जमीन आरजेडी सांसद प्रेम गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की डिलाइट मार्केटिंग के नाम से कराई गई। और दो वर्ष पूर्व इस कम्पनी में तेजस्वी निदेशक हुए। बाद में कम्पनी का नाम लारा प्रोजक्ट्स कर दिया गया। इस कम्पनी में राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव भी निदेशक हैं लेकिन तेजप्रताप के नाम से शेयर न होने के कारण उनसे एजेंसी कोई पूछताछ नहीं कर रही है।

सीबीआई ने मारे थे कई जगह छापे
गौरतलब है कि सीबीआई ने जुलाई में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं उनके बेटे तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज करने के बाद 12 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने पटना, रांची, भुवनेश्वर और गुरग्राम में 12 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई के मुताबिक यह मामला भादंवि की धारा 120बी आपराधिक साजिश, 420 धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का है।

लालू के परिवार के सदस्य हैं मालिक
सीबीआई के अनुसार यह पूरी साजिश 2004 से 2014 के बीच में रची गई जिसके तहत पुरी और रांची स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों के नियंत्रण को पहले आईआरसीटीसी को सौंपा गया और फिर इसका रखरखाव, संचालन और विकास का काम पटना स्थित ”सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड” को दे दिया गया। आरोप है कि 2004 से 2014 के बीच निविदाएं देने की इस प्रक्रिया में धांधली की गई और निजी पक्ष (सुजाता होटल) को फायदा पहुंचाने के लिए निविदा की शर्तों को हल्का कर दिया गया। इसके बदले में पूर्वी पटना में तीन एकड़ जमीन को बेहद कम कीमत पर ‘डिलाइट मार्केटिंग’ को दिया गया जो कि लालू यादव के परिवार के जानकार की है। फिर इसे ‘लारा प्रोजेक्ट्स’ को स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके मालिक लालू के परिवार के सदस्य हैं।

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