पाकिस्तान कभी चीन में मुस्लिमों के हालात पर बात नहीं करता: अमेरिका

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 27-09-2019 / 8:06 PM
  • Update Date: 27-09-2019 / 8:06 PM

न्यूयॉर्क। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान सरकार पिछले दो महीनों से कश्मीर में मुस्लिमों के मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर झूठे बयान दे रही है। पाकिस्तान के दोहरे मापदंड को उजागर करते हुए अमेरिका ने कहा है कि वह जितनी चिंता कश्मीर पर जता रहा है कि उतनी चीन में नजरबंद मुसलमानों को लेकर भी दिखाए।

अमेरिका की ऐक्टिंग असिस्टेंट सेक्रटरी (साउथ ऐंड सेंट्रल एशिया) ऐलिस वेल्स ने गुरुवार को यह सवाल खड़े किए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन के बारे में क्यों नहीं बोल रहे, जहां पर 10 लाख उइगर और अन्य तुर्की भाषा बोलने वाले मुसलमानों को नजरबंद रखा गया है।

कश्मीर पर पाकिस्तान के पीएम की कथित चिंता को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ऐलिस वेल्स ने कहा, मैं पश्चिमी चीन में नजरबंद किए गए मुसलमानों को लेकर भी उसी स्तर की चिंता देखना चाहूंगी, जो नाजी शिविरों की तरह के हालात में रह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को चीन के मुसलमानों की ज्यादा चिंता करनी चाहिए क्योंकि वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन ज्यादा है। वेल्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप प्रशासन ने पूरे चीन में मुसलमानों के साथ हो रही ज्यादती और भयानक हालात के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र महासभा के साथ-साथ अन्य कई मंचों से भी कश्मीर मुद्दा उठा चुके हैं। लेकिन उन्हें किसी भी कोशिश में सफलता नहीं मिली। हाल ही में यूएन महासभा में इमरान ने खुद माना लिया कि वे कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में असफल रहे। इमरान ने कहा था कि वे मामले की गंभीरता न समझ पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से खफा हैं।

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